मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट: आतंकी साजिश का हुआ पर्दाफाश, आरोपी पर पहले से UAPA के तहत मामला दर्ज
मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट: आतंकी साजिश का हुआ पर्दाफाश, आरोपी पर पहले से UAPA के तहत मामला दर्ज
Mangaluru Auto blast: कर्नाटक के मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट मामले में आतंकी साजिश का पर्दाफाश हो गया है। मंगलुरु में शनिवार को एक चलते ऑटो रिक्शा में विस्फोट हुआ, जिसमें यात्री और चालक घायल हो गए।जांच के दो दिन बाद ये बात सामने आई कि मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट में आतंकवादी लिंक है। अब पुलिस इस मामले को आतंकवादी लिंक के एंगल से जांच कर रही है। मंगलुरु में एक चलते ऑटो रिक्शा में विस्फोट होने के एक दिन बाद, पुलिस ने विस्फोट के संदिग्ध की पहचान मोहम्मद शरीक के रूप में की है।

आरोपी मोहम्मद शरीक पर पहले से ही मंगलुरु में दीवारों पर गलत फोटो बनाने को लेकर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वह इस मामले में जमानत पर बाहर था। इतना ही नहीं, वह एक आतंकी मामले में फरार भी था और पुलिस को उसकी तलाश थी।
जानिए मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट केस में अब-तक क्या-क्या हुआ?
-शनिवार (19 नवंबर) को एक चलते ऑटोरिक्शा में विस्फोट हो गया, जिससे आग और भारी धुआं फैल गया। झुलसने वालों में ऑटो चालक और एक यात्री भी शामिल है। यात्री की पहचान अब मोहम्मद शरीक के रूप में हुई है, जो विस्फोट मामले का मुख्य आरोपी है। विस्फोट थाने के पास हुआ था।
-कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद ने रविवार (20 नवंबर) को कहा कि मंगलुरु में एक चलते ऑटो रिक्शा में हुआ विस्फोट एक आतंकी घटना है। अब इसकी पुष्टि हो गई है। विस्फोट दुर्घटनावश नहीं हुआ था। इसका उद्देश्य गंभीर नुकसान पहुंचाना था। राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसियों इसकी गहनता से जांच कर रही है।
- इस साल सितंबर में पुलिस ने भद्रावती से दो लोगों माज और यासीन को गिरफ्तार किया था और उनके घर से विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। पुलिस को संदेह था कि दोनों आरोपी मोहम्मद शरीक के लिए काम कर रहे थे।
-सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को शारिक मंगलुरु वापस आया और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया और अपनी योजना को अंजाम देने की कोशिश की। इस धमाके में ऑटो चालक समेत शारिक घायल हो गया था। वह 40 प्रतिशत जल गया है और वर्तमान में कांकनाडी के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।












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