• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

दोस्त की लाश के साथ 28 दिन तक समुद्र में भटकता रहा शख्स, ओडिशा में मिला किनारा

|

नई दिल्ली। कभी-कभी आपकी किस्मत आपको किस मुसीबत में फंसा दे यह कोई नहीं जानता। अंडमान निकोबार के रहने वाले दो दोस्त अमृत कुजूर (49) और दिव्यरंजन को भी नहीं पता था कि 28 सितंबर का दिन उनकी जिंदगी में कैसा तूफान लाने वाला है। समुद्र में आने जाने वाले जहाजों में किराना और खाने-पीने का समान रखने का काम करने वाले ये दोस्त हर रोज की तरह उस दिन भी अपने काम के लिए घर से निकले थे। वह नहीं जनाते थे कि उस दिन कितनी बड़ी दुर्घटना उनका इंतजार कर रही है।

समुद्र में तूफान से हुआ सामना

समुद्र में तूफान से हुआ सामना

अमृत कुजूर और दिव्यरंजन रोजमर्रा की तरह अपने काम के लिए नाव लेकर हिंद महासागर में उतरे, आसमान साफ था इसलिए उन्हें आने वाले खतरे का अंदेशा नहीं था। कुछ दूर जाते ही उनका सामना एक बड़े तूफान से हुआ जिसमें वह रास्ता भटक गए। नाव कमजोर और पुरानी होने की वजह से तूफान ने उसको काफी नुकसान पहुंचाया। उसको डूबने से बचाने के लिए वह दोनों नाव पर मौजूद सारा सामान समुद्र में फेंकने लगे लेकिन वह ये नहीं जानते थे की यह मुसीबत और बड़ी होने वाली थी।

वर्मा के नाव ने की मदद

वर्मा के नाव ने की मदद

नाव खाली करने के बाद दोनों समुद्र में किसी अन्य जहाज की उम्मीद में इशारा करते रहे लेकिन उनकी मदद नहीं हो सकी। इसी बीच वर्मा के एक जहाज पर उनकी नजर पड़ी और उसने इनको 260 लीटर ईंधन और एक कम्पास दिया। दोनों को लगा कि वह अब आराम से घर पहुंच जाएंगे लेकिन ऐसा हो न सका। अमृत कुजूर और दिव्यरंजन को एक और तूफान का सामना करना पड़ा जिसमें उनका ईंधन भी खत्म हो चुका था। अब उनके पास कम्पास के अलावा समुद्र में और कुछ नहीं था।

भूख-प्यास से दोस्त की मौत

भूख-प्यास से दोस्त की मौत

दिन बीतने के साथ-साथ उनको भूख प्यास भी सताने लगी, अमृत कुजूर ने बताया कि वह अपनी प्यास बुझाने के लिए तौलिये से समुद्र का पानी छानकर पीते थे। इस तरह उनकी प्यास तो बुझ जाती लेकिन खाने के लिए उनके पास कुछ नहीं था। लगातार भूखा-प्यासा होने की वजह से उनका दोस्त दिव्यरंजन कमजोर हो गया और बीमार पड़ने के कारण उसने बीच में ही दम तोड़ दिया। अमृत कुजूर अब बिल्कुल अकेला हो चुका था किसी तरह उनसे अपने आप को जिंदा रखा।

28 दिन बाद मिला किनारा

28 दिन बाद मिला किनारा

उसने बताया कि, 28 दिन समुद्र में बहते-बहते उनका जहाज ओडिशा के पुरी तट पर पहुंचा। कृष्णाप्रसाद थाने के एक पुलिस अधिकारी अभिमन्यु नायक ने बताया कि, हमें सूचना मिली कि द्वीप समूह के पास रहने वाले दो दोस्त अमृत कुजूर और दिव्यरंजन समुद्र में लापता हो गए हैं। हमने उनकी तलाश ने रस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार को हमें जानकारी मिली कि लापता दोनों लोगों की ओडिशा के एक तट पर मिली है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
man wanders in the sea for 28 days with a friends corpse
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more