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लोकसभा के नए स्पीकर के लिए ममता बनर्जी ने सांसदों के हाथों भेजी बंगाल की प्रसिद्ध मिठाई

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नई दिल्ली। लोकसभा के नए अध्यक्ष ओम बिरला राज्य विधानसभाओं में बैठकों की कम होती संख्या से चिंतित हैं। सत्रहवीं लोकसभा के पहले सत्र के बाद वे सभी राज्य विधानसभा अध्यक्षों की एक बैठक बुलाने जा रहे हैं जिनसे वे आग्रह करेंगे कि राज्य विधानसभाओं की बैठकों की संख्या को बढ़ाई जाए। लोकसभा स्पीकर ने पद संभालने के साथ ही सदन में कामकाज के तरीकों में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है। इस बीच, टीएमसी के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा भिजवाए गए प्रसिद्ध बंगाली मिठाई संदेश का एक डिब्बा भेंट किया।

ममता ने भेजी ओम बिरला के लिए मिठाई

ममता ने भेजी ओम बिरला के लिए मिठाई

टीएमसी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक पत्र सौंपा। बताया जा रहा है कि इस पत्र के जरिए ममता बनर्जी ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी है। ओम बिरला संसद में कार्यवाही के दौरान नए सांसदों को बोलने का खूब मौका दे रहे हैं। अब तक करीब सौ नए सांसदों को शून्यकाल के दौरान बोलने का मौका दिया गया है।

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ओम बिरला ने बदला लोकसभा का तौर-तरीका

ओम बिरला ने बदला लोकसभा का तौर-तरीका

इस बात से नए सांसद भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। सांसदों को मौका दिए जाने के लिए ओम बिरला शून्यकाल का समय बढ़ाने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। कुछ मौकों पर लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को बोलने का मौका देने के लिए दोपहर का भोजन भी टाल दिया है। ओम बिरला विपक्षी सांसदों को भी बोलने के भरपूर मौके दे रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान सांसदों को पश्न और मंत्रियों को उत्तर छोटे और सटीक रखने को कहा जा रहा है ताकि अधिक से अधिक सवालों के जवाब मिल सकें।

नए सांसदों को दे रहे बोलने के अधिक मौके

नए सांसदों को दे रहे बोलने के अधिक मौके

सदन की कार्यवाही में किसी तरह का व्यवधान ना हो, इसका भी ध्यान वे रख रहे हैं। वे विपक्ष के सांसदों को आश्वासन देते हैं कि उनको बोलने का पूरा मौका दिया जाएगा। डीएमके नेता टीआर बालू के साथ ऐसा ही हुआ। स्पीकर ने अपना वादा निभाया और उनको बोलने का पूरा मौका दिया। प्रश्नकाल के दौरान उनके काम करने के तरीके के कारण ही औसतन 8 सवालों के जवाब मिल रहे हैं जबकि पहले ये औसत साढ़े चार तक था। सांसदों को कई बार टोका गया है कि वे आसन के सामने ना आएं। सभी सांसदों से कहा गया है कि वे अधिकारियों के जरिए तय नियमों के तहत ही अपना आवेदन रखें।

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English summary
mamata banerjee sends sweets to lok sabha speaker om birla
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