Video: 21 वर्षीय शहीद यश देशमुख का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा लोगों का हुजूम
नई दिल्ली। 26/11 आतंकी हमले की 12वीं बरसी पर देश ने एक और आतंकवादी हमले का सामना किया जिसमें महाराष्ट्र के 21 वर्षीय सिपाही यश दिगंबर देशमुख और सिपाही रतन सिंह शहीद हो गए। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के खुशीपोरा में हुए आतंकी हमले में अपने दो जवानों को खोने के बाद देशभर में मातम पसरा हुआ है। सिपाही यश देशमुख का पार्थिव शरीर आज उनके जलगांव जिले में स्थित उनके पैतृक गांव पिंपल भैराओ लाया गया। देश के लिए शहीद हुए वीर जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए।
Recommended Video

बता दें कि 26 नवंबर को जैसे ही सिपाही यश देशमुख के शहादत की खबर उनके गांव पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया। स्थानीय लोगों ने जवान के सम्मान में अगले दो दिनों तक दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों करने का फैसला लिया। बता दें कि यश देशमुख पिछले साल ही सेना में भर्ती हुए थे। यश मराठा रेजिमेंट में तैनात थे। गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए देशमुख का पार्थिव शरीर आज उनके गांव पिंपल लाया गया है। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सोशल मीडिया पर शहीद यश देशमुख के अंतिम दर्शन का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें लोगों के भारी हुजूम को देखा जा सकता है। इस दौरान सेना के जिस ट्रक में शहीद का पार्थिव शरीर रखा था उससे जुड़े करीब 10 मीटर लंबे तिरंगे को गांव वालों ने अपने हाथों से पड़ा हुआ था। जवान की शहादत पर आज पूरा गांव नम आंखों से उसके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा है। यश देशमुख का सपना था कि वह सेना में शामिल होकर अपने देश की सेवा करें। महाराष्ट्र के इस वीर जवान को इतनी कम उम्र में खोने पर पूरा देश गमगीन है।
यह भी पढ़ें: Srinagar attack: 20 साल के यश ने शहादत से पहले दोस्त से की थी चैट, कहा था-हम आज हैं, कल नहीं होंगे












Click it and Unblock the Notifications