लंदन में अंबेडकर स्मारक, दिल्ली वाले में सन्नाटा
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बाबा साहब अंबेडकर के लंदन के उस घर को महाराष्ट्र सरकार खरीद रही है,जिधर वे 1921-22 के बीच रहे। वहां पर उनका स्मारक बनाया जाएगा। पर, बाबा साहब के राजधानी स्थित उस स्मारक में रोज गिनती के ही लोग पहुंचते हैं जहां पर उन्होंने अपनी जिंदगी के अंतिम साल गुजारे।

नेहरु कैबिनेट छोड़ी
अंबेडकर ने पंडित नेहरु की कैबिनेट से 31 अक्तूबर,1951 को इस्तीफा दे दिया था और फिर वे 26 अलीपुर रोड के बंगले में आ गए थे। उसके बाद वे इधर ही रहे 6 दिसंबर,1956 तक। बाबा साहब ने इधर ही बुद्धा एंड हिज धम्मा नाम से पुस्तक लिखी।
लिखी किताबें
कहते हैं, 26 अलीपुर रोड प्रवास के दौरान ही उन्होंने ‘थॉट्स ऑन पाकिस्तान' भी लिखी। वे 26 अलीपुर रोड पर अपनी पत्नी सविता जी के साथ रहते थे। बाबा साहब 26 अलीपुर रोड में आने से पहले 22 पृथ्वीराज रोड के बंगले में रहते थे।
एनडीए सरकार का दौर
बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार ने 2 दिसंबर,2003 को इस बंगले को बाबा साहब का स्मारक बनाया। बाबा साहब के साथ इधर उनके पीए नानक चन्द्र रत्तू आमतौर पर उनके पास रहते थे। जानकार मानते हैं कि सरकार को इधर लोगों को लाने को लेकर और प्रयास करने की जरूरत है। अभी तो इस स्मारक में बहुत ही कम लोग आते हैं।












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