• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Sushant Case: सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने किया CBI जांच का विरोध, बंद लिफाफे में हलफनामा दायर

|

नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत मामले में एक ओर सीबीआई जांच शुरू हो गई है, तो वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को इसको लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई जांच का विरोध किया है। महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में इस जांच की प्रगति रिपोर्ट भी दाखिल की। साथ ही बिहार सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। कोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस ने भी अपना पक्ष रहा है।

    Sushant Singh Case: SC में Maharashtra Government ने लिफाफा बंद हलफनामा दायर किया | वनइंडिया हिंदी
    'सुशांत के परिवार को किसी पर नहीं था शक'

    'सुशांत के परिवार को किसी पर नहीं था शक'

    सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र पुलिस ने कहा कि सीबीआई को अभी इस मामले में एफआईआर नहीं दर्ज करनी चाहिए थी। मामले में पटना पुलिस ने सुशांत के पिता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की। ऐसे में उसे इस केस को मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन ट्रांसफर करना था। साथ ही बिहार सरकार को मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करनी थी। मुंबई पुलिस की ओर से बांद्रा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भूषण बेलनेकर ने सु्प्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। हलफनामे में साफ कहा गया कि सुशांत के परिवार ने शुरूआत में किसी पर न तो शक जताया था और न ही किसी से दुश्मनी की बात कही थी।

    'एसपी के क्वारंटीन से लेना-देना नहीं'

    'एसपी के क्वारंटीन से लेना-देना नहीं'

    महाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोपहर 2 बजे उन्हें सुशांत के निधन की खबर मिली थी। जब टीम पहुंची तो मृतक का शव बिस्तर पर पड़ा था। वहीं सुशांत के घर में मीतू सिंह समेत चार लोग मौजूद थे। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरूआत में सुशांत के परिवार ने जो बयान दिए वो अब के बयानों से अलग हैं। अगर उनको किसी से शिकायत थी, तो उन्हें बांद्रा पुलिस को बताना था। पुलिस अधिकारी पटना जाते और उनका बयान लेते। वहीं पटना एसपी विनय तिवारी को क्वारंटीन करने के सवाल पर महाराष्ट्र पुलिस ने कहा कि ये फैसला बीएमसी का था, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।

    'नियमों के विरुद्ध हुआ काम'

    'नियमों के विरुद्ध हुआ काम'

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार बिहार सरकार पर जमकर बरसी। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक नीतीश सरकार नियमों के विरुद्ध जाकर काम कर रही है। बिहार पुलिस को सिर्फ जीरो एफआईआर दर्ज करने का अधिकार था। उन्होंने पटना में सुशांत के पिता की शिकायत के बाद केस दर्ज किया और उसे बांद्रा स्टेशन ट्रांसफर करने के बजाए सीबीआई को दे दिया। इस मामले में सीबीआई को भी केस दर्ज करने के बजाए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना था।

    अब सामने आई सुशांत और रिया की Whatsapp चैट, इन बातों का था जिक्र

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    maharashtra government Filed affidavit in supreme court in sushant case
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X