मध्य प्रदेश में बढ़ी कमलनाथ सरकार की मुश्किल, 17 विधायक हुए लापता: सूत्र
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले जहां इस बात की खबर आई थी कि भाजपा यहां ऑपरेशन लोटस चला रही है और कई विधायकों को हरियाणा के होटल में रखा गया है। वहीं अब कांग्रेस पार्टी के भीतर ही फूट की खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के 17 विधायक लापता हैं। जो 17 विधायक लापता हैं उनमे से पांच विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और ये सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के हैं। सूत्रों की मानें तो इन सभी विधायकों को बेंगलुरू ले जाया गया है।

सोनिया गांधी को दी जानकारी
यह जानकारी तब सामने आई जब कमलनाथ ने इस बात की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दी। आईएनएस ने सूत्रों के हवाले से इस बात की खबर दी है कि दो नेताओं ने कैबिनेट में होने वाले विस्तार और राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा की है। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि मैंने उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा की और कांग्रेस अध्यक्षा का जो भी निर्देश होगा उसका पालन करूंगा। माना जा रहा है कि भोपाल में तमाम निर्दलीय विधायक कैबिनेट में होने वाले विस्तार को लेकर चर्चा कर रहे हैं और माना जा रहा है कि होली बाद होने वाले कैबिनेट विस्तार में इन्हें जगह मिल सकती है।
10 विधायक हुए थे लापता
गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक बिसाहू लाल सिंह ने रविवार को बेंगलुरू से वापस आने के बाद कमलनाथ से मुलाकात की थी। बिसाहू लाल उन 10 विधायकों में से एक हैं जो हाल ही में लापता हो गए थे। हालांकि इसमे से सात विधायक पहले ही वापस आ गए थे, जबकि बिसाहू लाल आठवें विधायक थे। वहीं इन सबके के बीच भाजपा के तीन बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से गुरुवार को मुलाकात की थी। इसमे से दो विधायकों ने खुलकर बगावती तेवर दिखाए थे, जबकि तीसरे विधायक संजय त्रिपाठी ने कहा कि वह भाजपा नहीं छोड़ रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव अहम
जिस तरह से इस बात की खबर सामने आई थी कि भाजपा मध्य प्रदेश में आपरेशन लोटस चला रही है, उसके बाद कांग्रेस ने भी भाजपा के खेमे में सेंधमारी शुरू कर दी। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि राज्यसभा के चुनाव के दौरान ये तमाम विधायक किस करवट बैठते हैं। प्रदेश में तीन में से एक राज्यसभा सीट के लिए होने वाला मतदान काफी अहम होगा। राज्यसभा के गणित की बात करें तो भाजपा व कांग्रेस एक-एक सीट हासिल करने को लेकर आश्वस्त हैं। जबकि तीसरी सीट के लिए निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम होगी।












Click it and Unblock the Notifications