मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: भाजपा की पहली सूची की वो बातें जो सूची में नहीं हैं
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 177 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट पर गौर करें तो इसमें कई चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आई हैं। सबसे अहम है कि पार्टी ने 27 मौजूदा विधायकों के टिकट इस बार काट दिए हैं। इनमें दो मंत्री भी शामिल हैं। इसके अलावा पहली लिस्ट का लब्बोलुआब देखें तो कहीं न कहीं एक बार फिर से बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भरोसा जताया है। पार्टी ने एक तरह से उन्हें फ्री हैंड दिया है, यही वजह है कि बीजेपी की पहली लिस्ट में उनकी खूब चली है।

दो मंत्रियों समेत 27 विधायकों के टिकट कटे
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में शिवराज सिंह चौहान सरकार के दो मंत्री समेत 27 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। जिन मंत्रियों के टिकट कटे हैं उनमें मंत्री माया सिंह का नाम शामिल है। माया सिंह ग्वालियर से विधायक हैं। इनके अलावा एक और मंत्री सूर्यप्रकाश मीना का टिकट भी काट दिया गया है। मीना विदिशा से विधायक हैं। शिवराज सरकार में वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार की जगह उनके बेटे मुदित शेजवार को पार्टी ने टिकट दिया है, उनको सांची से टिकट मिला है। बता दें कि गौरीशंकर शेजवार मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता हैं, उन्हें उमा भारती का करीबी माना जाता है। जब उमा भारती ने अपनी नई पार्टी बनाई थी तो गौरीशंकर शेजवार उनकी पार्टी में शामिल हो गए थे, हालांकि बाद में जब उमा भारती बीजेपी में लौटी तो गौरीशंकर शेजवार भी पार्टी में वापस लौट आए।

इंदौर की एक भी सीट पर उम्मीदवार का ऐलान नहीं
मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर बीजेपी की लिस्ट में आश्चर्यजनक तौर से इंदौर की एक भी सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। इसमें इंदौर विधानसभा क्षेत्र की क्रमांक चार भी शामिल है, जहां से महापौर मालिनी गौड़ मौजूदा विधायक हैं। पिछले पांच चुनावों से इस सीट पर गौड़ परिवार का ही कब्जा है। इस सीट पर एक समय कांग्रेस का वर्चस्व हुआ करता था लेकिन बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस सीट पर सेंध लगाई थी।

बाबूलाल गौर की सीट का ऐलान नहीं
बीजेपी के 177 उम्मीदवारों की सूची में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की सीट का ऐलान नहीं किया गया है। बाबूलाल गौर की गोविंदपुरा सीट को लेकर इस सूची में नाम नहीं होना चौंकाने वाला है। उनके अलावा पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीट महू का भी इस सूची में कोई जिक्र नहीं है। वहीं व्यापमं घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई उमाकांत को पार्टी ने सिरोंज से टिकट दिया है। मालवा क्षेत्र में भी अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया गया है।

पिछले चुनाव हारने वाले कई उम्मीदवारों को भी मिला टिकट
बीजेपी उम्मीदवारों की लिस्ट में कई ऐसे नेताओं के नाम हैं, जिन्हें 2013 विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। हार के बावजूद जिन उम्मीदवारों पर पार्टी ने फिर से भरोसा जताया है उनमें हरदा से कमल पटेल, उदयपुरा से रामकिशन, पवई से ब्रजेश प्रताप सिंह, इच्छावर से करण सिंह वर्मा, महेश्वर से भूपेंद्र आर्य, कसरावद से आत्माराम पटेल, गुड़ (सतना) से नागेंद्र सिंह को टिकट दिया गया है।

परंपरागत बुधनी से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे शिवराज
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर से बुधनी विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। ये उनकी परंपरागत सीट मानी जाती है। इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि उस बार उनकी सीट बदली जा सकती है। आलाकमान उन्हें कहीं और से उतार सकता है, हालांकि बीजेपी की पहली लिस्ट में उन्हें बुधनी सीट से ही फिर उतारा है। यशोधरा राजे सिंधिया को शिवपुरी से और राज्य सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

शिवराज सिंह चौहान को मिला है फ्री हैंड
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी खबरें थी कि बीजेपी आलाकमान शिवराज सिंह चौहान से खुश नहीं है। हालांकि बीजेपी की पहली लिस्ट को देखने से साफ नजर आता है कि उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में शिवराज सिंह चौहान की जमकर चली है। चाहे मौजूदा 27 विधायकों के टिकट कटने का मामला हो या फिर पिछली बार हार का स्वाद चखने वाले कई नेताओं के दोबारा टिकट दिए जाने का मामला हो, पार्टी ने पूरी तरह से शिवराज पर भरोसा जताया है।












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