मध्य प्रदेश: रोटी खिलाकर कार्यकर्ताओं से साथ देने का वचन ले रही कांग्रेस
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियां कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को साधने में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस उम्मीदवारी की घोषणा से ठीक पहले अपने सदस्यों को 'एक साथ रोटी खाएं और एक दूसरे के साथ काम करने का वचन दें' का मंत्र दे रही है। कांग्रेस को डर है कि कही पार्टी की अंदरूनी कलह चुनाव का गणित बिगाड़ न दे। इसलिए पार्टी की राज्य इकाई सभी जिलों में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है।

सभी जिलों के टिकट दावेदरों को साथ खिला रहे खाना
सभी जिलों के टिकट दावेदारों को एक साथ खाना खिलाया जा रहा है और उनसे पार्टी के लिए काम करने का वचन लिया जा रहा है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि उस महीने पार्टी के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करने पर बागी दावेदारों के इनके खिलाफ ताल ठोकने की उम्मीद है। इसी डर से पार्टी के वरिष्ठ नेता सभी दावेदारों को एक साथ काम करने के लिए शपथ दिला रहे हैं।

दिग्विजय सिंह के कंधों पर जिम्मेदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि टिकट के दावेदारों को एक साथ लाने और उनके बीच मनमोटाव को दूर करने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के कंधों पर है। वह समन्वय समिति के अगुवा भी हैं। पिछले तीन-चार दिनों से विभिन्न जिलों में घूमकर वे टिकट के दावेदारों से मिल रहे हैं और उनके साथ बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को वो भोपाल में थे और बीजेपी के प्रभाव वाले जिले में उन्होंने कांग्रेस की योजना को चलाया।

सदस्यों से हाठ उठवाकर लिया जा रहा वजन
बैठक में भाग लेने वाले सिरोंज विधानसभा से टिकट के दावेदार माने जा रहे एक स्थानीय नेता ने एनबीटी से बात करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह पूरे प्रदेश में घूमकर सभी लोगों की बातें सुन रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में संगत में पंगत के तहत सभी लोगों एक साथ बैठक कर रहे हैं और खाना भी खा रहे हैं। खाना खाने से पहले कांग्रेस के सदस्यों से दोनों हाथ उठवाकर उनसे वचन लिया जा रहा है।
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