तो क्या 2018 में ही लोकसभा चुनाव कराने की तैयारी कर रही भाजपा?

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    Loksabha Election पर जल्द आ सकता है बड़ा फैसला, 2019 की जगह 2018 होंगे चुनाव! । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने इस वर्ष तीन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफलता हासिल की और कई राज्यों में या तो पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया या फिर गठबंधन के साथ सरकार बनाने में सफलता हासिल की, इस लिहाज से यह वर्ष काफी अहम रहा है। लेकिन वर्ष 2018 में कुल 8 राज्यों में चुनाव होना है, लिहाजा अगला वर्ष राजनीतिक मायने में काफी अहम होने वाला है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अगले वर्ष आठ राज्यों के चुनाव के नतीजे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तस्वीर भी साफ कर देंगे।

    93 में से 79 सीटों पर भाजपा का कब्जा

    93 में से 79 सीटों पर भाजपा का कब्जा

    जिन आठ राज्यों में अगले वर्ष चुनाव होना है उसमे मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिन आठ राज्यों में चुनाव होने हैं उसमे कुल 93 लोकसभा सीटें आती हैं, जिसमे से 79 सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी, लिहाजा इन आठ राज्यों के चुनाव परिणाम से लोगों का रुख तकरीबन साफ हो जाएगा कि अगले लोकसभा चुनाव में किस पार्टी को जीत मिलेगी। गौर करने वाली बात यह है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भाजपा का काफी दबदबा है।

    कर्नाटक का चुनाव अहम

    कर्नाटक का चुनाव अहम

    अगले वर्ष की कर्नाटक में चुनाव होना है, ऐसे में दक्षिण के अभियान में भाजपा की बड़ी चुनौती है कि कैसे वहां अपने पैर फिर से मजबूत करके, लिहाजा शीर्ष नेतृत्व कर्नाटक में जीत हासिल करने के लिए कोई भी कसर नहीं छड़ोन चाहता है। अगर कर्नाटक में भाजपा जीत दर्ज करती है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की राह काफी आसान हो जाएगी। लेकिन मौजूदा समय में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार भी किसी भी हाल में यह राज्य अपने हाथ से निकलने नहीं देना चाहती है।

    पूर्वोत्तर के चार राज्यों में होना है चुनाव

    पूर्वोत्तर के चार राज्यों में होना है चुनाव

    इन चार अहम राज्यों के अलावा पूर्वोत्तर के चार राज्यों में भी चुनाव होना है, जिसमे मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड हैं, यहां लोकसभा की कुल 6 सीटें है। हालांकि यहां लोकसभा की सीटें काफी कम हैं, लेकिन भाजपा पूरे देश में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराने व कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान को आगे बढ़ाना चाहती है, लिहाजा वह इन राज्यों में भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। गुजरात चुनाव के बाद पीएम मोदी मेघालय में एक रैली को संबोधित करने के पहुंचे थे। मौजूदा समय में पूर्वोत्तर के चार राज्यों में से 2 राज्यों मिजोरम और मेघालय में कांग्रेस की सरकार है तो त्रिपुरा में मानिक सरकार की अगुवाई में वामदल की सरकार है, जबकि नागालैंड में नेशनल पीपुल्स फ्रंट के साथ भाजपा की सरकार है।

    2018 में हो सकता है चुनाव

    2018 में हो सकता है चुनाव

    माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2019 की बजाए 2018 में ही कराए जा सकते हैं। मोदी सरकार पहले से ही एक साथ राज्यों और लोकसभा चुनाव कराने की पैरवी करती आई है, लिहाजा कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव 2018 में ही इन आठ राज्यों के साथ करा लिए जाए। भाजपा के पास इन राज्यों की अधिकतम लोकसभा सीटों पर कब्जा है और हाल के चुनाव परिणाम से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भाजपा की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है। ऐसे में मुमकिन है कि 2018 में ही लोकसभा चुनाव करा लिए जाए।

    क्यों हो सकते हैं 2018 में चुनाव

    क्यों हो सकते हैं 2018 में चुनाव

    2018 में लोकसभा चुनाव कराए जाने के पीछे की वजह का राजनीतिक विश्लेषण करें तो लोकसभा चुनाव के दौरान राज्यों के स्थानीय मुद्दे काफी हद तक दब जाते हैं, लिहाजा अगर भाजपा कुछ महीनों की सत्ता का मोह छोड़कर अगले पांच वर्ष तक के लिए सरकार में आ सकती है तो वह उसके लिए फायदे का सौदा हो सकता है। भाजपा खुद ही लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कहती आ रही है, ऐसे में पार्टी इस बात का भी श्रेय खुल लेगी। साथ ही 2019 में रामजन्मभूमि विवाद का भी फैसला आना है, यह मुद्दा भी भाजपा के पक्ष में लोगों के बीच हवा बना सकता है।

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