Lok Sabha Election: 'द केरल स्टोरी' के समर्थन में खुलकर उतरा चर्च, BJP ने कैसे बढ़ाई कांग्रेस-CPM की टेंशन?
Kerala Lok Sabha Election 2024: केरल के चर्चों ने फिल्म 'द केरल स्टोरी' को दिखाए जाने का दायरा बढ़ा दिया है। केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट (KCYM) ने अपनी सभी यूनिट में इस फिल्म को दिखाए जाने की घोषणा की है। केसीवाईएम का कहना है कि इस फिल्म को दिखाने के पीछे उसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। लेकिन सत्ताधारी एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ को ये दलील हजम नहीं हो पा रही है।
केरल बीजेपी चर्च के इस फैसले से काफी उत्साहित है। उसने 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया हुआ है। यही वजह है कि कांग्रेस की अगुवाई वाला यूडीएफ और सीपीएम की अगुवाई वाला एलडीएफ चर्चों में चुनावों के दौरान यह फिल्म दिखाए जाने से काफी परेशान हैं।

चर्च के फैसले से भाजपा उत्साहित
भाजपा की खुशी की वजह ये है कि वह ईसाई समुदाय को जोड़ने के लिए जो एक मुद्दे उठाती रही है, उसमें से एक प्रमुख मसले को कुछ चर्चों ने स्वीकार कर लिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने यह कहकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की आलोचना की है कि 'यह जानते हुए कि फिल्म सही घटनाओं पर आधारित है, सीएम सच्चाई दबाने की कोशिश कर रहे हैं।'
सीपीएम फिल्म को बता रही है संघ का एजेंडा
वहीं मुख्यमंत्री विजयन का दावा है कि फिल्म में 'आरएसएस का एजेंडा' परोसा गया है। उन्होंने कहा, 'यह नहीं समझना चाहिए कि संघ परिवार सिर्फ मुसलमानों को टारगेट कर रहा है। उनकी नजर सभी अल्पसंख्यकों और समुदायों पर है। एक समूह को दूसरे समूह के खिलाफ भड़काना लक्ष्य है। इस रणनीति के चक्कर में किसी को नहीं फंसना चाहिए।'
कांग्रेस और सीपीएम शुरू से कर रही है फिल्म का विरोध
यह फिल्म केरल की महिलाओं को लालच देकर इस्लाम अपनाने और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल करने की कहानी पर आधारित है। कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां शुरू से ही इसका विरोध कर रही हैं और दावा करती हैं कि इसमें केरल और मुसलमानों की छवि खराब करने की कोशिश हुई है।
इडुक्की बिशप-क्षेत्र के चर्चों में पहले दिखाई गई फिल्म
इससे पहले केरल के इडुक्की बिशप-क्षेत्र ने स्कूली बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में विशेष ट्रेनिंग कोर्स के दौरान 'प्यार' टॉपिक पर जागरूकता के लिए 'द केरल स्टोरी' फिल्म दिखाई थी। छात्रों से फिल्म देखने के बाद उसपर समीक्षा लिखने को भी कहा गया था।
केसीवाईएम बड़े स्तर पर करेगा फिल्म की स्क्रीनिंग
केसीवाईएम ने छिपे हुए एजेंडे के समर्थकों को पहचानने के लिए छात्रों को जागरूक बनाने के लिए यह फिल्म दिखाए जाने के उसके फैसले का समर्थन किया है और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले चर्चों में भी इसकी स्क्रीनिंग की तैयारी की है। हालांकि, फिलहाल केरल के सभी चर्च संगठन इस फैसले से सहमत नहीं हुए हैं।
बीजेपी ने कैसे बढ़ाई कांग्रेस-सीपीएम की टेंशन?
केरल में लोकसभा की सभी 20 सीटों के लिए दूसरे चरण यानी 26 अप्रैल को चुनाव होना है। यहां मुख्य मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच है। लेकिन, बीजेपी ने कई छोटे दलों को जोड़कर एनडीए का कुनबा तैयार किया है और पहली बार यहां चुनाव जीतने की उम्मीद से मैदान में है।
भाजपा केरल में बहुसंख्यक हिंदू मतदाताओं के साथ-साथ 18% से अधिक ईसाई वोटरों को टारगेट कर रही है। ऐसे में अगर चर्चों की ओर से उसके एजेंडे को बढ़ावा मिल रहा है, तो उसके हौसले बुलंद होने स्वाभाविक हैं और कांग्रेस-सीपीएम की यही परेशानी की वजह भी बन गई है। क्योंकि, उन्हें लग रहा है कि कहीं ईसाई वोट बैंक उनके हाथ से निकल न जाए।












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