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Lok Sabha Elections Results 2019: सपा के अंदर मचा तूफान, चाचा रामगोपाल ने हार का ठीकरा अखिलेश के सिर फोड़ा

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में जो हाल सपा का हुआ है, उसकी कल्पना किसी को भी नहीं थी, सपा अपने ही घरों में हार गई, ये अखिलेश यादव के लिए किसी कुठाराघात से कम नहीं है, जाहिर है मात्र 5 सीटों में सिमटी समाजवादी पार्टी के अंदर इस वक्त काफी निराशा है तो वहीं इसी बीच अब खबर आ रही है कि पार्टी के अंदर हार को लेकर अब 'तू-तू, मैं-मैं' शुरू हो गई है, टीवी न्यूज चैनलों की खबरों के मुताबिक रामगोपाल यादव ने हार का सारा दोष अखिलेश यादव के सिर मढ़ दिया है।

'अखिलेश यादव ने सीटों का बंटवारा ठीक से नहीं किया'

'अखिलेश यादव ने सीटों का बंटवारा ठीक से नहीं किया'

रामगोपाल ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव ने सीटों का बंटवारा ठीक से नहीं किया, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ और उसे हार का सामना करना पड़ा है, खबर ये भी है कि इस वक्त यादव परिवार में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है, वैसे यहां आपको बता दें कि भले ही सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव में अखिलेश और मायावती संग चुनाव रैलियां की हों लेकिन वो इस गठबंधन से खुश नहीं थे, सपा-बसपा के गठबंधन पर जब 38 सीटों पर बात आई थी तो भी मुलायम ने कहा था कि हम तो पहले ही आधी सीटें हार गए।

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मुलायम सिंह को पहले से ही था शक...

मुलायम सिंह को पहले से ही था शक...

जिस पर अखिलेश ने कहा था कि अगर मोदी सरकार को हराने के लिए हमें दो कदम पीछे भी हटना पड़े तो वो हटेंगे और इसी वजह से मुलायम चाहकर भी बेटे को रोक नहीं पाए, हालांकि आज सपा संस्थापक की बात सही निकली और शायद सपा की स्थिति का अंदाजा उन्हें पहले ही हो गया था और इसी वजह से उन्होंने अखिलेश के लिए आजमगढ़ से लड़ने का फैसला किया था।

 शिवपाल यादव से भी हुआ सपा को नुकसान

शिवपाल यादव से भी हुआ सपा को नुकसान

पार्टी को शिवपाल यादव के अलग होने और चुनाव अलग लड़ने की वजह से भी नुकसान हुआ है, शिवपाल के अलग होने की वजह भी अखिलेश यादव ही थे, फिलहाल पार्टी के अंदर काफी आक्रोश, गुस्सा और निराशा फैली हुई है, इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है।

सपा तीन सीटें हार गई, पार्टी का बुरा हाल

सपा तीन सीटें हार गई, पार्टी का बुरा हाल

बताते चले कि इस बार का लोकसभा चुनाव सपा ने बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ मिलकर लड़ा था, जिसमें से मात्र 5 सीटों में उसे जीत मिली है, साल 2014 में भी सपा को 5 सीटें ही मिली थीं लेकिन तब उसने अकेले चुनाव लड़ा था, महागठबंधन के नाम से बना ये गठजोड़ जहां मोदी सरकार को जड़ से उखाड़ने की बात कर रहा था, वहां खुद इसे लेने के देने पड़ गए, हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में जीरो अंक पाने वाली मायवाती की पार्टी ने जरूर 10 सीटों पर विजय प्राप्त कर ली है।

फेल हो गया अखिलेश यादव का गणित

फेल हो गया अखिलेश यादव का गणित

मुलायम परिवार के तीन सदस्य चुनाव हार गए तो वहीं रालोद भी तीन सीटों पर फेल हो गया, अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज से, फिरोजाबाद सीट से अखिलेश के चचेरे भाई अक्षय यादव और बदायूं सीट से एक अन्य चचेरे भाई धर्मेन्द्र यादव बुरी तरह से चुनाव हार गए, ये वो सीटें हैं, जो सपा का गढ़ माने जाते रहे हैं, ऐसे में इन जगहों पर हारना सपाईयों को सदमा देकर जाएगा ही, फिलहाल सपा अभी असंतोष के दौर से गुजर रही, देखते हैं चाचा के आरोपों पर यूपी के पूर्व मुखिया क्या जवाब देते हैं।

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English summary
After a poor performance in the Lok Sabha Elections 2019, the Samajwadi Party Leader Ram Gopal Yadav Targets Akhilesh Yadav over Party Performance.
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