क्या कमलनाथ ने बेटे नकुलनाथ के लिए किया पर्दे के पीछे सारा खेल?
कांग्रेस में 45 साल गुजार चुके पार्टी के दिग्गज नेता कमलनाथ आगे की सियासी यात्रा भी पार्टी में ही जारी रखेंगे, फिलहाल यही बात निकल कर आ रही है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कमलनाथ के बीजेपी में जाने की चर्चा सिर्फ अफवाह थी, जिसे भाजपा और मीडिया के एक वर्ग ने उड़ाया है।

कमलनाथ ने 'अफवाहों' को खारिज क्यों नहीं किया?
लेकिन, सवाल है कि अगर यह महज अफवाह थी तो कमलनाथ ने सार्वजनिक तौर पर इन अटकलों को कभी खारिज करने की कोशिश क्यों नहीं की? संदेह पैदा होने की नौबत क्यों आने दी गई?
उम्मीदवारी घोषित करने के बाद शुरू हुई थी अटकलें
कमलनाथ की पार्टी में नाराजगी की खबरें वहां से उठी थीं, जब उनके बेटे को खुद से इस बार के लोकसभा चुनाव में एमपी की छिंदवाड़ा सीट से अपनी उम्मीदवारी घोषित करनी पड़ी थी।
उन्होंने कहा था, 'इस बार भी लोकसभा चुनाव में मैं आपका उम्मीदवार रहूंगा। अफवाहें हैं कि कमलानाथ या नकुलनाथ में से कौन चुनाव लड़ेंगे, मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ेंगे, मैं लड़ूंगा।' नकुलनाथ की इसी घोषणा के बाद गांधी परिवार (राहुल गांधी) और कमलनाथ के परिवार में खटपट की अटकलें लगनी शुरू हुई थीं।
इससे पहले एमपी विधानसभा चुनाव में हार के लिए कमलनाथ पार्टी के निशाने पर आ ही चुके थे। ऊपर से राज्यसभा में जाने का मौका नहीं मिला तो मामले ने और तूल पकड़ लिया। झटके से उनकी प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्षता भी छीनी जा चुकी थी।
उनकी नाराजगी की खबरें हफ्ते भर से चल रही हैं। खुद कमलनाथ ने ना तो कभी उनके कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर हामी भरी ही और ना ही कभी इसका खंडन किया है। शनिवार को वे सिर्फ इतना कहकर रह गए कि, 'आप उत्साहित क्यों हो रहे हैं? खंडन जैसा कुछ नहीं है...मैं आपको बताऊंगा अगर ऐसा कुछ भी होता है।'

कमलनाथ के वफादारों ने कही बीजेपी में जाने की बात
उनके बेटे और छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ के एक्स (ट्विटर) बायो से आज भी 'कांग्रेस' गायब है। यही नहीं, 18 फरवरी को कमलनाथ के बेहद वफादार माने जाने वाले पूर्व कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने उनकी नाराजगी का खुलासा भी किया था। उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनावों के बाद से ही कमलनाथ को उपेक्षित छोड़ दिया गया है।
कांग्रेस नेता ने कहा था, 'जनता चाहती है कि कमलनाथ को भाजपा के साथ जाना चाहिए, ताकि छिंदवाड़ा में विकास के काम हो सके....उन्हें जिस तरह से उनके पद से हटाया गया......हमारे ग्रुप में हम सब ने चर्चा की है और फैसला किया है कि अगर हमारी इस तरह से उपेक्षा होती है तो बेहतर है कि बीजेपी में चले जाएं...'
कांग्रेस डाल रही है बीजेपी पर दोष
लेकिन, अब कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ को लेकर सारी अफवाहें बीजेपी ने फैलाई है। उनके मुताबिक, 'ऐसा कुछ भी नहीं है। सभी अफवाहें बीजेपी की उड़ाई हुई हैं। वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं और आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर होने वाली बैठक में भी शामिल होंगे।'
नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से टिकट हो गया कंफर्म!
यही नहीं, इसके साथ ही उन्होंने संकेत दे दिया है कि पार्टी कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ का छिंदवाड़ा से टिकट नहीं काटेगी। उन्होंने कहा, 'वहां (छिंदवाड़ा) से वे मजबूत उम्मीदवार हैं और निश्चित रूप से चुनाव लड़ेंगे।'
इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक एक्स पोस्ट में कह चुके हैं, 'कमलनाथ इंडियन नेशनल कांग्रेस में हैं, थे और रहेंगे। मोदीगोदीमीडिया को झूठा अफवाह फैलाना बंद करना चाहिए।'
'अफवाहों' के पीछे खेल?
तथ्य यह है कि नकुलनाथ एक्स पर आज भी कांग्रेस से दूरी दिखा रहे हैं। लेकिन, पार्टी की ओर से उन्हें जिस तरह से छिंदवाड़ा सीट का ऑफर मिला है, उससे लगता है कहीं छिंदवाड़ा सीट भी परिवार के हाथ से न निकल जाए, इसलिए कमलनाथ ने दबाव की राजनीति के तहत ये सारा सियासी 'खेल' खुद ही तो नहीं होने दिया है?












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