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रामपुर में आजम की "पुरानी दुश्मन" को मैदान में उतार सकती है भाजपा

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लखनऊ। चुनावी पारा इस वक्त चरम स्तर पर है, हर पार्टी एड़ी-चोटी के दम के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है, दल बदलने का भी सिलसिला जोरों पर हैं, इसी क्रम में खबर आ रही है कि बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा भाजपा में जल्द शामिल हो सकती हैं, मीडिया सूत्रों में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें बीजेपी की टिकट पर रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रत्याशी आजम खान के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है, जिसके कारण रामपुर पर इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

जयाप्रदा को मिल सकता है आजम खान से 'जंग' का मौका?

जयाप्रदा को मिल सकता है आजम खान से 'जंग' का मौका?

गौरतलब है कि बीजेपी ने 2014 में नेपाल सिंह को रामपुर से लोकसभा का टिकट दिया था। नेपाल सिंह ने चुनाव में एसपी के कद्दावर नेता आजम खान के प्रत्याशी नसीर खान को महज कुछ हजार वोटों से हराया था। साल 2004 और साल 2009 में जयाप्रदा इसी सीट से सांसद रह चुकी हैं।

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पुराना झगड़ा है आजम और जयाप्रदा का....

पुराना झगड़ा है आजम और जयाप्रदा का....

आपको बता दें कि आजम बनाम जयाप्रदा की लड़ाई आज की नहीं है, यह मामला साल 2004 का है, जब पहली बार जयाप्रदा यहां से सपा के टिकट से विजयी हुई थीं, आजम चाहते थे इस सीट पर उनकी पत्नी को टिकट मिले लेकिन उस वक्त सपा में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले अमर सिंह की कोशिशों के आगे आजम की एक नहीं चली और टिकट जयाप्रदा को मिल गया, जिसने जया बनाम आजम की जंग को जन्म दिया और इस जंग ने विकराल रूप तब धारण कर लिया जब जयाप्रदा ने खुले तौर पर आजम और उनके कार्यकर्ताओं पर उनके साथ बदसलूकी करने और कुछ नग्न और झूठी तस्वीरों को उनकी बताकर रामपुर में बांटने का आरोप लगाया था।

आजम ने लगाए थे जयाप्रदा पर संगीन आरोप

आजम ने लगाए थे जयाप्रदा पर संगीन आरोप

आजम ने सारे आरोपों को सिरे से खारिज किया था लेकिन हर मीडिया चैनल और पब्लिक मीटिंग में वो अमर सिंह और जया प्रदा के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते थे, हालांकि उनकी सारी बातों पर विराम तब लग गया जब जयाप्रदा साल 2004 का चुनाव यहां से जीत गई लेकिन आजम और उनकी लड़ाई की खाई दिन प्रतिदिन चौड़ी ही होती गई। 2009 तक हालात ऐसे हो गए कि आजम खान ने समाजवादी पार्टी (एसपी) से नाता तोड़ लिया और साल 2009 में एक बार फिर से जयाप्रदा रामपुर से जीत गईं, इस चुनाव को अमर सिंह बनाम आजम खान के रूप में देखा गया था।

नहीं हो पाई जयाप्रदा के जीत की हैट्रिक

नहीं हो पाई जयाप्रदा के जीत की हैट्रिक

हालांकि साल 2014 आते-आते अमर सिंह और सपा के रिश्ते बिगड़ गए, अमर सिंह और जयाप्रदा को पार्टी से निकाल दिया गया, इसके बाद साल 2014 का चुनाव जयाप्रदा ने बिजनौर से आरएलडी के टिकट पर लड़ा था लेकिन वो हार गई थीं, आज जयाप्रदा और अमर सिंह सपा पार्टी का हिस्सा नहीं बल्कि आजम खां हैं, हालात बदल चुके हैं लेकिन जया और आजम खां के बीच की लड़ाई खत्म नहीं हुई है और इसी वजह से दोनों को जब भी एक-दूसरे को तंज कसने का मौका मिलता है तो दोनों नहीं छोड़ते हैं।

आजम ने फिर कसा भाजपा और जयाप्रदा पर तंज

आजम ने फिर कसा भाजपा और जयाप्रदा पर तंज

हाल ही में जब जयाप्रदा के बीजेपी में शामिल होने की खबर पर आजम खां से प्रतिक्रिया मीडिया ने लेनी चाही तो आजम खान ने कहा था कि सपा-बसपा के गठबंधन को लेकर भाजपा की हवा खराब है। रामपुर में जिला प्रशासन भाजपा की हवा बनाने के लिए दंगा कराने की साजिश कर रहा है, लेकिन यहां की जनता किसी भी हाल में प्रशासन की साजिशों को कामयाब नहीं होने देगी, वो किसी को भी यहां से लड़वाए, यहां की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता।

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English summary
According to the reports, Jaya Prada is likely to be fielded against the Samajwadi party's Azam Khan in the Rampur Lok Sabha constituency.
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