लोकसभा चुनाव परिणाम: सपा को मिली करारी हार के बाद अखिलेश ने लिया बड़ा फैसला
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे सामने आने के साथ ही सियासी हंगामा भी तेज होने लगा है। जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन किया और बंपर सीटें लेकर आई है, इससे विपक्षी पार्टियों का सियासी प्लान फेल हो गया। बात करें उत्तर प्रदेश की तो यहां बीजेपी को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने महागठबंधन किया था। हालांकि जिस तरह के चुनाव नतीजे आए उसकी उम्मीद शायद महागठबंधन के नेताओं को भी नहीं रही होगी। महागठबंधन के बावजूद समाजवादी पार्टी महज 5 सीटें ही जीतने में कामयाब रही। इस प्रदर्शन से पार्टी नेतृत्व थोड़ा असहज जरूर नजर आ रहा है। यही वजह है कि नतीजों के बाद पार्टी आलाकमान ने अहम फैसला लिया है। समाजवादी पार्टी ने अपने सभी टीवी पैनलिस्ट (पार्टी प्रवक्ता) को हटाने का फैसला लिया है।

सपा मुखिया ने की बड़ी कार्रवाई
लोकसभा चुनाव के फाइनल नतीजे आने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को टीवी समाचार चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखने वाले सभी पार्टी प्रवक्ताओं को हटा दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया, "राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर टीवी चैनलों पर नामित किये गये पार्टी प्रवक्ताओं का मनोनयन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।" यही नहीं उन्होंने टीवी चैनलों से कहा कि किसी भी प्रवक्ता को चैनलों पर बहस के लिये आमंत्रित नहीं किया जाए।
सपा ने पार्टी प्रवक्ताओं को हटाया
लोकसभा चुनाव के नतीजे समाजवादी पार्टी और महागठबंधन के लिए निराश करने वाले हैं। पार्टी को यूपी में महज 5 सीटों पर जीत मिली है। यही नहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के परिवार के तीन सदस्यों को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें सपा मुखिया की पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव के अलावा धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव भी शामिल हैं। डिंपल यादव को कन्नौज सीट पर हार का सामना करना पड़ा है, धमेंद्र यादव बदायूं से और अक्षय यादव फिरोजाबाद से चुनाव हार गए। ये तीनों ही सदस्य 16वीं लोकसभा में पार्टी की ओर से सांसद थे।

अखिलेश यादव के परिवार के तीन सदस्यों को मिली करारी शिकस्त
समाजवादी पार्टी ही नहीं इस बार के लोकसभा चुनाव में ऐसी 'मोदी लहर' चली कि कई ऐसे दिग्गज नेता चुनाव हार गए जिनकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। इस फेहरिस्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी नाम शामिल है, जिन्हें अमेठी से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी को स्मृति ईरानी ने हराया। इनके अलावा कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि महागठबंधन में मायावती की पार्टी बीएसपी के लिए थोड़ी राहत जरूर रही। बसपा के 10 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की।
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