राहुल गांधी खुद को माओवादी नेता समझते हैं क्या? पूर्व प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता के लिए ऐसा क्यों कह दिया
Karnataka Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'संपत्ति के बंटवारे' वाले बयान को लेकर अब पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
देवगौड़ा ने राहुल पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता खुद को एक ऐसा माओवादी नेता समझते हैं, जो क्रांति लाने के सपने देखता रहता है।

नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का भी अपमान किया- पूर्व प्रधानमंत्री
देवगौड़ा ने कहा है कि राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेसी प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का भी अपमान किया है, जिन्होंने देश में आर्थिक सुधार लाया, जिससे राष्ट्र की संपत्ति में बढ़ोतरी हुई।
राहुल ने अध्यादेश की तरह आर्थिक सुधारों को भी फाड़ दिया- देवगौड़ा
जेडीएस नेता ने कहा कि राहुल परोक्ष रूप से यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस के दो प्रधानमंत्रियों ने जो किया, वह गलत था। देवगौड़ा का कहना है कि उन्होंने (राहुल) उनके आर्थिक सुधारों को वैसे ही फाड़ दिया है, जैसे मनमोहन सिंह सरकार के एक अध्यादेश को फाड़ दिया था।
30 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे पर भी निशाना
पूर्व पीएम ने केंद्र सरकार में 30 लाख अतिरिक्त सरकारी नौकरियां देने के उनके वादे की भी खिल्ली उड़ाई है। उनके मुताबिक जब सिर्फ 40 लाख स्वीकृत पद हैं तो फिर वह रातों रात इतनी नौकरियां कहां दे देंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि वह उन्हें नियुक्त कहां करेंगे।
'जिसे व्यावहारिक ज्ञान नहीं है.....'
देवगौड़ा का आरोप है कि, 'जिसे व्यावहारिक ज्ञान नहीं है, वही सिर्फ इस तरह की बातें कर सकता है।' जेडीएस नेता ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन पी चिदंबरम पर भी राहुल गांधी के 'अधकचरे आर्थिक विचारों' के समर्थन के लिए सवाल उठाया।
संपत्ति बंटवारे और विरासत टैक्स को लेकर भाजपा है हमलावर
राहुल गांधी इस समय देश में वित्तीय सर्वे करवाने और फिर संपत्ति के बंटवारे के अपने वादों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के निशाने पर हैं। उनकी मुश्किल तब और बढ़ गई, जब उनके बेहद खास माने जाने वाले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने भी उनके चुनावी वादों की तस्दीक अपने बयानों से कर दी है।
कर्नाटक में इस समय सत्ताधारी कांग्रेस के खिलाफ जेडीएस, बीजेपी के साथ एनडीए के पार्टनर के तौर पर चुनाव लड़ रही है। कर्नाटक में पिछली बार 28 सीटों में से बीजेपी अकेले 25 सीटें जीती थी और एक निर्दलीय को उसके समर्थन से जीत हासिल हुई थी। तब कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन था और दोनों को एक-एक सीट मिल पाई थी।
कर्नाटक में दो चरणों 26 अप्रैल और 7 मई को मतदान होना है।












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