Jamyang Tsering Namgyal: लद्दाख BJP सांसद की नहीं जानते होंगे ये बड़ी बातें, इस बार नहीं मिला टिकट
Jamyang Tsering Namgyal Profile: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद जोरदार भाषण देने वाले लद्दाख बीजेपी सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल का टिकट कट गया है। पार्टी ने उनकी जगह ताशी ग्यालसन को उतारा है। जामयांग सेरिंग नामग्याल वो ही सांसद हैं, जिन्होंने साल 2019 में अपनी स्पीच से सुर्खियां बटोरी थी, हालांकि इस बार पार्टी ने उनको मौका नहीं दिया है।
नामग्याल साल 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के मोदी सरकार के फैसले का बचाव करने के लिए अपने वायरल भाषण के बाद सुर्खियों में आए थे। ऐसे में जानिए जामयांग की वो बातें, जिनको शायद ही आप जानते होंगे?

जानिए कौन हैं नामग्याल?
- जामयांग सेरिंग नामग्याल लद्दाख से भाजपा के सांसद हैं। साधारण परिवार से वास्ता रखने वाले नामग्याल का जन्म 4 अगस्त 1985 को लेह के माथो गांव में हुआ था।
- उनके पिता स्टैनजिन दोर्जी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में कारपेंटर का काम करते थे। वहीं मां ईशे पुतित एक हाउसवाइफ थीं।
- नामग्याल ने 12वीं पास करने के बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से बीए किया है। इस दौरान ही वो सामाजिक कार्यों में जुट गए। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्र नेता भी रहे।
- सेरिंग ने डॉ. सोनम वांगमो से शादी की है। जो कि जेएनयू से पढ़ी हुई हैं। महज 34 साल की उम्र में ही वो लद्दाख से सांसद चुने गए। साल 2019 में वो पहली बार सांसद बने थे।
बीजेपी ने आखिर उसे क्यों नहीं दिया टिकट?
2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले नामग्याल ने लद्दाख लोकसभा सीट पर रिकॉर्ड 11000 वोटों से जीत दर्ज की थी। जामयांग ने लंबे वक्त तक लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाने के लिए काम किया है। हालांकि उनका अनुभव अब बीजेपी के नए प्रत्याशी के कम है, जिसके चलते उनका टिकट काटा गया है।
भाजपा प्रत्यासी ताशी ग्यालसन का अनुभव उन पर भारी पड़ा है। ताशी स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के अध्यक्ष है। इसी के साथ बीजेपी के दिग्गज नेताओं में उनकी गिनती होती है। साथ ही वो लंबे समय से लेह और लद्दाख में पार्टी के लिए काम में जुटे हैं।












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