Lok Sabha Chunav 2024: रिटायर होना चाहते हैं सिद्दारमैया या खेल रहे हैं इमोशनल कार्ड?
Lok Sabha Chunav Karnataka: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पिछले दो दिनों में दो ऐसे बयान दिए हैं, जिससे उनके सीएम पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठ सकते हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मैसुरु में कथित तौर पर घोषणा कर दी है कि अपनी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों से वह भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।
दरअसल, उनसे यह सवाल पूछा जा रहा था कि क्या वह आगे भी अपनी वरुणा विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। इसपर 77 वर्षीय कांग्रेस नेता ने अपने स्वास्थ्य और ढलती उम्र की वजह से उसी उत्साह और जोश के साथ आगे भी काम करने की क्षमता को लेकर आशंका जताई।

मेरा वैसा स्वास्थ्य नहीं रहेगा- सिद्दारमैया
सिद्दारमैया ने कहा, 'मैं 77 साल का हूं। अभी भी चार साल (एमएलए और मुख्यमंत्री पद के लिए) का समय है। जब मेरा कार्यकाल खत्म होगा तो मैं 81 या 82 साल का हो जाऊंगा....मेरा वैसा स्वास्थ्य नहीं रहेगा और मैं उत्साह से काम नहीं कर सकूंगा....'।
सीएम बने रहने के लिए कांग्रेस को जिताने की कर चुके हैं विनती
सिद्दारमैया का यह बयान उनके उस बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र वरुणा के मतदाताओं से हाथ जोड़कर कांग्रेस उम्मीदवार को भारी मतों से जिताने की अपील की थी। सिद्दारमैया 1978 से राजनीति में हैं और अगर वह दिए गए संकेतों के मुताबिक रिटायर होंगे तो राजनीति में वे 50 साल बिता चुके होंगे।
उन्होंने कहा था, 'आप अगर 60,000 वोटों के मार्जिन से (कांग्रेस उम्मीदवार को) जिता देते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी। फिर मुझे कोई नहीं छू सकेगा। मुझे (सीएम) रहना चाहिए या नहीं? यह वजह है, मैं आपसे हाथ जोड़कर गुजारिश करता हूं, जीतने के बाद मैं आपके पास जरूर आऊंगा धन्यवाद कहने।'
सिद्दारमैया चल रहे हैं इमोशनल कार्ड!
वरुणा के लोगों के बीच अपनी सीएम की कुर्सी को लेकर इस तरह का डर दिखाने के एक दिन बाद सिद्दारमैया, जिस तरह से खुद ही आगे राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दे रहे हैं, उससे एक सवाल पैदा होता है कि वह इस लोकसभा चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बताकर सहानुभूति तो नहीं बटोरना चाहते हैं!
डीके शिवकुमार भी सीएम बनने की जता रहे हैं महत्वाकांक्षा
क्योंकि, उन्हें अपने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की वजह से जो अपनी कुर्सी जाने का खतरा महसूस हो रहा है, कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद वह टल सकता है। क्योंकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और डिप्टी सीएम शिवकुमार भी अपने मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा खुलेआम बयां कर रहे हैं।
वह वोक्कालिगा समुदाय के नेता हैं। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों को भरोसा दिया है कि कांग्रेस पार्टी को उनका जो समर्थन मिला है, वह बर्बाद नहीं जाएगा। वह अपनी लीडरशिप का महत्त्व दिखाने के लिए कर्नाटक की राजनीति में वोक्कालिगा नेताओं के ऐतिहासिक अहमियत की दुहाई भी दे रहे हैं।
पिछले साल मई में जब कर्नाटक में कांग्रेस चुनाव जीती थी तो शिवकुमार और सिद्दारमैया में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर जबर्दस्त खींचतान चली थी। तभी यह कथित अफवाह भी उड़ी की 2.5 साल बाद सिद्दरमैया की जगह शिवकुमार को ही मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलेगा।












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