Lok Sabha Election: तीसरी बार मोदी सरकार के लिए कैसा रहेगा बीजेपी का घोषणा पत्र? 6 संभावनाएं
BJP Lok Sabha Election Manifesto: लोकसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद देश के युवाओं से भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने में योगदान देने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी के नजरिए को देखते हुए भाजपा ने इसके लिए एक ज्ञान (GYAN-गयअन) फॉर्मूला तैयार किया है। संभावना है कि भाजपा के घोषणा पत्र में , जिसे पार्टी 'संकल्प पत्र' कहती है, उसमें भी इसी ज्ञान फॉर्मूले का भरपूर असर दिखेगा।

GYAN फॉर्मूले पर दिखेगा भाजपा के घोषणा पत्र में जोर
यहां ज्ञान का मतलब, ग-गरीब, य-युवा, अ-अन्नदाता और न-नारी से है। इन चारों वर्गों पर हाल के दिनों में प्रधानमंत्री बार-बार फोकस करते नजर आए हैं।
समाज के इन तबकों को ही वह आज की जाति बताते हैं। माना जाता है कि यह कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की ओर से जाति जनगणना के मुद्दे की काट के तौर पर बीजेपी की ओर से पेश किया जा रहा है।
इसी वजह से संभावना है कि भाजपा के घोषणा पत्र में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में और विस्तार का वादा देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए क्या हो सकता है?
जैसे किसानों की ओर से जो एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग हो रही है और कांग्रेस ने सरकार बनने पर उसे लागू करने का वादा भी किया है। ऐसे में संभावना है कि मोदी सरकार 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की राशि में बढ़ोतरी का वादा कर सकती है।
इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाने का भी वादा शामिल किया जा सकता है और इसपर कुछ नए और बेहतरीन इंसेंटिव देने का संकल्प भी जताया जा सकता है।
महिलाओं के लिए क्या हो सकता है?
भाजपा की कामयाबी में महिलाओं के भरपूर समर्थन का बहुत बड़ा योगदान रहा है। बीजेपी को मालूम है कि मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना और छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ने उसकी जीत में क्या सहायता की है।
इसलिए, महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण वादे भाजपा के घोषणा पत्र का हिस्सा होंगे, इसकी पूरी संभावना है। पार्टी महिलाओं से जुड़ी केंद्र की योजनाओं के लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने का वादा कर सकती है और उनके लिए कोई नई योजना लॉन्च करने का भी संकल्प जता सकती है।
पुरानी पेंशन स्कीम का क्या होगा जवाब?
कांग्रेस की ओर से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की वापसी पर खूब जोर दिया जा रहा है। इसी का असर है कि कुछ केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने भी चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है।
ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी अपने घोषणा पत्र में नई पेंशन योजना (एनपीएस) में ही कुछ आकर्षक व्यवस्था का वादा करे। जैसे कि कर्मचारियों से रिटायरमेंट के वक्त या समय-समय पर फिक्स रिटर्न का वादा किया जा सकता है।
गरीबों को और क्या मिल सकता है?
मोदी सरकार मुफ्त अनाज योजना को पहले ही पांच साल के लिए बढ़ा चुकी है। लेकिन, इसके बावजूद बीजेपी के घोषणा पत्र में गरीबों के लिए कुछ बड़े वादे शामिल किए जाने की संभावना है।
इसके तहत हो सकता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ क्रांतिकारी व्यवस्था की जाए। गरीबों के मुफ्त इलाज की सीमा को 5 लाख रुपए से बढ़ाने के वादे शामिल हो सकते हैं।
युवा वोटरों के लिए क्या करेगी बीजेपी?
इस बार के लोकसभा चुनाव में 18 से 29 वर्ष के साढ़े 21 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। यह वो आबादी है, जिसे रोजगार की सबसे ज्यादा तलाश है। चुनावी इतिहास में विपक्ष के लिए हमेशा से बेरोजगारी बाय डिफॉल्ट वाला मुद्दा रहता है।
पिछले कुछ समय में मोदी सरकार रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 10 लाख सरकारी नौकरियां दे चुकी है। इसके अलावा वह टूरिज्म सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हो रहे विकास के माध्यम से आने वाले वक्त में संभावित रोजगार के बड़े आंकड़े सामने रख सकती है।
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उसके लिए बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे भारत में धार्मिक पर्यटन की अनंत संभावनाएं हैं। यह लाखों रोजगार पैदा करने में सक्षम है।
1000 साल का पहला रोडमैप दिखा सकती है पार्टी
प्रधानमंत्री मोदी पहले से 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं। इसमें अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रक्षा, तकनीक, सूचना प्रॉद्योगिकी को लेकर बीजेपी के घोषणा पत्र में कुछ बड़े वादे देखने को मिल सकते हैं।
भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने से लेकर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प भी दोहराया जा सकता है।
इसके अलावा आने वाले 1000 वर्षों में भारत कैसा होगा, उसकी भी झलक दिखाने की कोशिश नजर आ सकती है। यह झलक, भारत को विश्व गुरु बनाने से लेकर, अखंड भारत के भाजपा के सपने को पूरा करने की दिशा में भी हो सकता है।












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