Lok Sabha Chunav Result: तेजस्वी और अखिलेश! दो यादव कुनबों में किसका किला हुआ ज्यादा मजबूत?
Lok Sabha Chunav Result: उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में विपक्षी गठबंधन को दो यादव कुनबों की पार्टियां लीड कर रही थीं। यूपी में समाजवादी पार्टी इंडिया ब्लॉक की अगुवा रही, जिसकी कमान उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों में थी। बिहार में आरजेडी की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक को लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव लीड किया।
18वीं लोकसभा के चुनाव परिणामों को देखने के बाद लगता है कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक ने तो शानदार प्रदर्शन किया ही है, उनके परिवार के जितने भी सदस्य चुनाव लड़ रहे थे, उन सबको कामयाबी मिली है।

अखिलेश यादव की तुलना में तेजस्वी का प्रदर्शन रहा फीका
वहीं बिहार में आरजेडी जितनी बड़ी जीत के दावे कर रही थी, उसे वहां सपा के मुकाबले उतनी सफलता नहीं मिल पाई है। यही नहीं, लालू यादव के परिवार के दो सदस्य चुनाव मैदान थे, लेकिन उनमें से एक का लोकसभा पहुंचने का सपना चकनाचूर हो गया है।
यूपी में सपा की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक का दिखा दबदबा
यूपी की 80 सीटों में से जहां समाजवादी पार्टी अकेले पिछली बार की 5 सीटों से बढ़कर 37 पर पहुंचती दिखी है। वहीं, उसके गठबंधन में कांग्रेस को भी 6 सीटें मिल गईं, जो 2019 में सिर्फ 1 सीट जीत सकी थी।
अखिलेश के परिवार के सभी सदस्यों को मिली कामयाबी
अखिलेश यादव समेत उनका परिवार इस बार यूपी की पांच सीटों पर चुनाव मैदान में था और सभी सीटों पर उनके परिवार के सदस्यों को कामयाबी मिली है।
अखिलेश के कुनबे के सभी सदस्यों को मिली सफलता
कन्नौज से अखिलेश, मैनपुरी से उनकी पत्नी डिंपल यादव, आजमगढ़ से उनके चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव, फिरोजाबाद से एक और भाई अक्षय यादव और बदायूं से भी उनके एक और चचेरे भाई आदित्य यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने में सफलता पाई है।
तेजस्वी की दो बहनों में से एक रहीं नाकाम
वहीं बिहार में इस बार तेजस्वी यादव की दो बहनें राजद के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं। इनमें से उनकी बड़ी बहन मीसा भारती ने पाटलिपुत्र सीट पर तो सफलता हासिल कर ली, लेकिन सारण में उनकी दूसरी बहन रोहिणी आचार्य बीजेपी उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी से पिछड़ गईं।
बिहार में आरजेडी को पिछली बार एक भी सीट नहीं मिली थी। हालांकि, इस बार उसने 4 सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया। वहीं उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी को पिछली बार की 1 सीट में से 2 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।












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