Lok Sabha Chunav: BJP के लिए सबसे मुश्किल दौर में चुनाव, क्यों एक-एक सीट के लिए लड़नी होगी लड़ाई?
Lok Sabha Election: देश में लोकसभा की करीब 70% सीटों पर मतदान हो चुका है। आगे तीन चरणों में लगभग 30% सीटों पर चुनाव होना बाकी है। लेकिन, एनडीए के लिए 400 पार सीटों का मंसूबा पाले बीजेपी के लिए यहां से आगे का रास्ता और कठिन होने जा रहा है।
देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में अभी भी आधी से ज्यादा सीटों पर चुनाव होना बाकी है। बिहार और बंगाल में भी अभी तक आधी से कम ही सीटों पर चुनाव हुए हैं। ओडिशा में तो अभी चुनावों की शुरुआत ही हुई है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में चुनाव होने अभी बाकी ही हैं।

यूपी में आधी से ज्यादा सीटों पर अगले तीन चरणों में चुनाव
बीजेपी ने पंजाब के अलावा इन राज्यों में पिछली बार काफी बढ़िया प्रदर्शन किया था। इस बार टारगेट पूरा करने के लिए उसे और बेहतर प्रदर्शन करके दिखाना होगा। यूपी की 80 में से अभी वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, बलिया और गाजीपुर समेत 41 सीटों पर चुनाव होना है। पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में भाजपा ने यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकतर सीटें जीत ली थी।
एनडीए को बिहार की बाकी सभी 21 सीटें बचाने की चुनौती
बिहार की 40 सीटों में से 21 सीटों पर अभी भी चुनाव नहीं हुए हैं और ये सभी सीटें अभी एनडीए के पास हैं। इस बार इसे इंडिया ब्लॉक या महागठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है और जमीनी हालात देखने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर सीट पर मुकाबला कड़ा है। पीएम मोदी कुछ रैलियों के अलावा पटना में एक रोडशो भी कर चुके हैं। भाजपा के अंदर के लोगों के मुताबिक आने वाले चरणों में वह और रैलियों के अलावा कुछ और रोडशो भी कर सकते हैं।
बिहार में आरजेडी के लिए भी यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण चुनाव है। पिछली बार लालू यादव की पार्टी एक भी सीट नहीं जीती थी। इस बार राजद ने अपना खाता खोलने के लिए सारे सियासी घोड़े छोड़ दिए हैं। 2025 में बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश करने के लिए लालू इसे सेमीफाइनल मानकर चल रहे हैं।
बंगाल में एक-एस सीट के लिए चल रही है भीषण लड़ाई
पश्चिम बंगाल की 42 में से 24 सीटों पर अभी चुनाव होने ही हैं। यहां तृणमूल और बीजेपी के बीच हर सीट के लिए कड़ा संघर्ष चल रहा है। सिर्फ यही राज्य है जहां चुनाव में हिंसा भी देखने को मिल रही है। कुछ सीटों पर इंडिया ब्लॉक (कांग्रेस-लेफ्ट) मुकाबले को दिलचस्प बना रहा है।
ओडिशा में अधिकतर सीटों पर बाकी है चुनाव
ओडिशा की 21 सीटों में से अभी सिर्फ 4 में ही चुनाव हुए हैं। वैसे चुनावी पंडितों के मुताबिक भाजपा को इस बार 2019 की तुलना में ज्यादा बेहतर विकेट पर बैटिंग का मौका मिल रहा है। भाजपा ने पिछली बार यहां 8 सीटें जीती थी।
झारखंड में बीजेपी और इंडिया ब्लॉक में सीधी लड़ाई
झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं, जिनमें से 10 सीटों पर चुनाव बाकी ही हैं। यहां ज्यादातर सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर है। बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद का गठबंधन है, जो राज्य में सत्ताधारी दल हैं। संगठन के स्तर पर बीजेपी के लिए यह मजबूत राज्य है, लेकिन विपक्ष की ताकत भी कम नहीं है।
दिल्ली और हरियाणा में बीजेपी को मिल रही है तगड़ी चुनौती
दिल्ली और हरियाणा में लोकसभा की 17 सीटें हैं। पिछली बार ये सारी सीटें बीजेपी जीती थी। दिल्ली में तो 2014 में भी वही परिणाम रहा था। लेकिन, इस बार उसके लिए रास्ता आसान नहीं है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन की वजह से भाजपा के लिए पिछली दोनों बार जैसा प्रदर्शन दोहरा पाना आसान नहीं होगा।
हरियाणा में बीजेपी पिछले 10 साल से सत्ता में है और वहां पिछले हफ्ते ही उसकी सरकार संकट में आ चुकी है। यहां भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ गठबंधन किया है। राज्य में भाजपा को एंटी-इंकंबेंसी के साथ-साथ विपक्ष की कड़ी चुनौती और अंदरूनी लड़ाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब में बदला लग रहा है समीकरण
पंजाब में लोकसभा की 13 सीटें हैं, जो बीजेपी के लिए हमेशा से ही बड़ी चुनौती रही है। इस बार पार्टी अपने दम पर 2 से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है, क्योंकि राज्य में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के मुकाबले बाकी विपक्ष बिखरा हुआ और काफी कमजोर नजर आ रहा है। चंडीगढ़ सीट पर भी हालात समान्य ही लग रहे हैं।
बीजेपी के लिए अबकी बार लद्दाख भी नहीं आसान
हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की 4 सीटों से इस बार भी भारतीय जनता पार्टी को काफी उम्मीदें हैं। जम्मू-कश्मीर में बारामूला और लद्दाख में भी चुनाव होने हैं। लद्दाख में भी बीजेपी के लिए पिछले दो बार जैसा सीन नहीं है और उसे सीट बचाने के लिए नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।
महाराष्ट्र में 13 सीटों पर अगले चरण में चुनाव
यूपी के बाद सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में भी 48 में से 13 सीटों पर चुनाव पांचवें चरण यानी 20 मई को होने हैं। यहां सत्ताधारी महायुति गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) में सीधी टक्कर है। 13 में से 6 सीटें तो मायानगरी मुंबई की ही बची हुई हैं। 17 मई को यहां दोनों ही गठबंधन रैलियों के माध्यम से अपनी ताकत की आजमाइश करने वाले हैं।












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