लॉकडाउन के उल्लंघन पर सख्त हुआ गृह मंत्रालय, नियम तोड़ने पर होगी 2 साल की जेल
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है फिर भी बहुत जगहों पर लोग इसके उल्लंघन की लगातार खबरें आ रही हैं। अब लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों को साफतौर पर निर्देश देते हुए कहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने के खिलाफ डीएम एक्ट, आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाए।

गृह मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों और झूठे दावे करने वालों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के संबंधित प्रावधानों के तहत मामले दर्ज होने चाहिए। इससे पहले बुधवार को लॉकडाउन की घोषणा में बरती जा रही ढील को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से गुजारिश की थी कि वे इसे सख्ती से लागू करें।
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गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि, 24 मार्च को लॉकडाउन के जो उपाय घोषित किए गए थे उसमें स्पष्ट लिखा है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। राज्यों से लोगों को इन धाराओं की जानकारी देने को भी कहा गया है। लॉकडाउन में व्यवधान डालने और झूठे दावे करने वालों को 2 साल के लिए जेल भेजने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। आपदा कार्य के लिए निर्धारित राशि या सामग्री का बेजा इस्तेमाल करने पर भी 2 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
गृह सचिव ने 31 मार्च को भी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा था। उसका जिक्र करते हुए उन्होंने एक बार फिर कहा है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए और इसमें किसी तरह की रियायत ना दी जाए। इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जन सुरक्षा को देखते हुए उम्मीद है कि राज्य सरकारें, सरकारी अथॉरिटी और नागरिक केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरा पालन करेंगे।












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