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SP-BSP के गठबंधन को लेकर अमर सिंह का बड़ा बयान, कहा-माया को आज भी याद होगा गेस्ट हाउस कांड

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नई दिल्ली। कभी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ साए की तरह रहने वाले अमर सिंह ने एक बार फिर से सपा और बसपा गठबंधन को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। एक मीडिया चैनल से बात करते हुए सपा से निष्कासित और इन दिनों बीजेपी के करीबी माने जाने वाले अमर सिंह ने कहा कि बुआ और बबुआ का गठबंधन अब होना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि एक बार फिर से मुलायम सिंह की सक्रियता पार्टी में काफी बढ़ गई है जिसकी वजह से मायावती को अब हर वक्त गेस्ट हाउस कांड याद आएगा, जिसे वो चाहकर भी नहीं भूल सकती हैं।

सपा-बसपा गठबंधन पर अमर सिंह का बड़ा बयान

सपा-बसपा गठबंधन पर अमर सिंह का बड़ा बयान

वैसे भी पार्टी ने उन्हें कुछ ऐसा नहीं दिया जिसे वो याद करे, राज्य सभा में मायावती के उम्मीदवार के मुकाबले राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को विजयी बनाने में ज्यादा दम लगाया। लोकसभा के उपचुनावों में सपोर्ट देकर मायावती ने सपा को तीन सांसद दिए, लेकिन उसके बदले में अखिलेश ने मायावती को क्या दिया उल्टा जया बच्चन को ज्यादा तरजीह दी, जबकि सबको पता है कि जया बच्चन की क्या हैसियत है।

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अमर सिंह ने कहा-कहीं माया शिवपाल से ना मिल जाएं?

अमर सिंह ने कहा-कहीं माया शिवपाल से ना मिल जाएं?

सपा ने माया के लिए कुछ ऐसा नहीं किया जिसे मधुर स्मृति कहा जाए और मायावती उसका साथ देने की सोचे, मायावती का अगला कदम क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है, वो कांग्रेस से सीटों पर बात करते-करते छत्तीसगढ़ में जोगी के साथ मिल गईं, हो सकता है कि अखिलेश यादव से से बात करते-करते कहीं शिवपाल यादव से ना मिल जाएं।

क्या था गेस्ट हाउस कांड?

क्या था गेस्ट हाउस कांड?

साल 1995 का गेस्ट हाउस कांड भारतीय राजनीति का एक कलंक है, उस दिन ऐसा कुछ हुआ था जिसने न केवल भारतीय राजनीति का बदरंग चेहरा दिखाया बल्कि मायावती और मुलायम के बीच वो खाई बनाई जिसे वक्त भी नहीं भर पाया है। साल 1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी बनाई और इसके अगले साल भाजपा का रास्ता रोकने के लिए बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाया।

गेस्ट हाउस के अंदर होने लगी मारपीट

गेस्ट हाउस के अंदर होने लगी मारपीट

तब सपा और बसपा ने 256 और 164 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा था और तब सपा अपने खाते में से 109 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि 67 सीटों पर हाथी का दांव चला था लेकिन साल 1995 में अचानक खबर आई कि सपा का साथ छोड़कर माया, भाजपा के साथ हाथ मिला सकती हैं। इसी बीच गेस्टहाउस में बसपा की बैठक हो रही थी। सपा के लोगों को किसी तरह इस बात की जानकारी मिल गई कि बसपा और भाजपा की सांठ-गांठ हो गई है और वो सपा का दामन छोड़ने वाली है, तो वो सभी भारी संख्या में गेस्ट हाउस के बाहर जुट गए और कुछ ही देर में गेस्ट हाउस के भीतर के कमरे में जहां बैठक चल रही थी, वहां मौजूद बसपा के लोगों को मारना-पीटना शुरू कर दिया।

सपा के लोग मायावती की हत्या करना चाहते थे-बसपा ने लगाया आरोप

सपा के लोग मायावती की हत्या करना चाहते थे-बसपा ने लगाया आरोप

तब मायावती ने जान बचाने लिए एक कमरे में खुद को बंद कर लिया था, तब राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गेस्ट हाउस कांड की सूचना देने के लिए फोन किया जा रहा था लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद सपाइयों ने वहां काफी हुड़दंग किया था, जिस कमरे में मायावती छुपी थीं, उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मीडियाकर्मियों और बसपाइयों के वहां पहुंच जाने सपाई ऐसा कर नहीं पाए। बसपा का आरोप है कि सपा के लोगों ने तब मायावती को धक्का दिया और मुकदमा ये लिखाया गया कि वो लोग उन्हें जान से मारना चाहते थे, इसी कांड को गेस्ट हाउस कांड कहा जाता है।

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English summary
Amar Singh big statement after Mayawati refuses alliance with congress. SP And BSP Alliance is impossible in Uttar Pradesh said Amar Singh.
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