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यूके की तर्ज पर होगा देश का आरटीओ सिस्टम

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नई दिल्ली। देश की राजधानी में एक के बाद एक महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध ने एक बार फिर से देश की सरकार और लोगों को हिलाकर रख दिया है। एक बार फिर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गयी है। वहीं देश के परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने परिवहन विभाग में कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है।

nitin gadkari

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में किसी घटना के होने के बाद उस संस्था को बंद नहीं कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेल, जहाज, बस में किसी घटना के चलते उसे बंद नहीं किया जा सकता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए लेकिन उनपर रोक नहीं लगाना चाहिए।

यूके की तर्ज पर होगा देश का आरटीओ

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देशभर के लाइसेंस का कंप्युटरीकरण करके डिजिटल सिस्टम बनाया जाएगा। जिससे की किसी भी लाइसेंस धारक का लाइसेंस नंबर डालने पर उस ड्राइवर का पूरा रिकॉर्ड सामने आ जाएगा। इस व्यवस्था से अगर उस ड्राइवर ने पहले कोई अपराध या घटना को अंजाम दिया है तो बहुत ही आसानी से पकड़ में आ जाएगा। गड़करी ने कहा कि भारत में यह व्यवस्था यूके की तर्ज पर स्थापित की जाएगी।

परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली की उबेर कैब की घटना को टाला जा सकता था यदि यह व्यवस्था पहले से ही मौजूद होती। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के आ जाने से कहीं भी संदिग्ध ड्राइवरों की धरपकड़ आसान हो जाएगी।

पुणे सहित सात सेंटर देंगे ट्रेनिंग

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पुणे में परिवहन विभाग ने एक विशेष सेंटर खोला है जहां ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सभी आंकड़ों को इकट्ठा किया जाएगा। साथ ही ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे कि बिना सीखे ड्राइवर लाइसेंस न पा पायें। उन्होंने कहा पुणे के साथ देशभर में सात ऐसे सेंटर खोले जा रहे हैं जहां गाड़ी चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

अब कंप्यूटर करेगा पास या फेल

अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आपको अपना टेस्ट गाड़ी को चलाकर देना होता था जहां परिवहन अधिकारी आपको पास या फेल करता था। लेकिन नई व्यवस्था के अनुसार अब कंप्यूटर की मदद से आपकी ड्राइविंग की क्षमता को परखा जाएगा। वहीं परिवहन अधिकारी की बजाए कंप्यूटर ही आपको ड्राइविंग टेस्ट में पास या फेल करेगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के आ जाने से कितना ही बड़ा व्यक्ति या प्रभावशाली व्यक्तित्व क्यों न हो उसे गलत ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं होगा।

तीस फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी

परिवहन मंत्री ने बताया कि देशभर में तीस फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। जिन्हें या तो बिना टेस्ट या गलत तरीकों से जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इन लाइसेंस को रद्द करने का अभियान शुरु किया जाएगा। जिससे कि ऐसे ड्राइवरों पर रोक लगायी जा सके जिनके पास फर्जी लाइसेंस हैं।

गरीबों को दी जाएगी विशेष ड्राइविंग की ट्रेनिंग

देश में गरीबों वर्ग के लोगों को सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने की बात कही है। परिवहन मंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जो ड्राइविंग के माध्यम से अपनी आजीविका चलाना चाहते हैं उनके लिए 8 से 10 दिन का शार्ट टर्म कोर्स कराया जाएगा। ऐसे लोगों को विशेष ट्रेनिंग देने के बाद ही उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।

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English summary
License system in india will be digitised like united kingadom, transport minister said that this will help to trace false drivers.
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