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उन्नाव रेप पीड़िता की चिट्ठी मामले में लापरवाही की होगी जांच, सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे निगरानी

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज उन्नाव रेप पीड़िता की मां द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई को लिखी गई चिट्ठी के मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस से जुड़े सभी 5 मामलों को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को पीड़िता की मां द्वारा लिखी चिट्ठी के संज्ञान में देरी से लाने जाने के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में 7 दिनों में होगी जांंच

सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में 7 दिनों में होगी जांंच

सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा नामित सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सेक्रेटरी जनरल द्वारा इस मामले की जांच 7 दिनों के भीतर की जाएगी। जांच के दौरान इस बात की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी कि क्या पीड़िता की मां द्वारा लिखी चिट्ठी के सीजेआई के संज्ञान में लाए जाने में देरी के पीछे रजिस्ट्री अधिकारियों की लापरवाही थी, सेक्रेटरी जनरल इसकी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौपेंगे।

ये भी पढ़ें: उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश- पीड़िता को 25 लाख का अंतरिम मुआवजा दे यूपी सरकार

रेप पीड़िता की मां ने एक्सिडेंट से पहले लिखी थी चिट्ठी

रेप पीड़िता की मां ने एक्सिडेंट से पहले लिखी थी चिट्ठी

दरअसल, उन्नाव रेप पीड़िता के कार दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने से पहले, परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रंजन गोगोई को पत्र लिखकर इस मामले में आरोपियों (कुलदीप सिंह सेंगर व उनके करीबी) से अपनी जान को खतरे की आशंका जताई थी। ये चिट्ठी पीड़िता की मां, बहन और चाची ने लिखी थी। बता दें कि सड़क दुर्घटना में पीड़िता की चाची की मौत हो चुकी है, जबकि पीड़िता जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

रजिस्ट्री अधिकारियों की लापरवाही की होगी जांच

रजिस्ट्री अधिकारियों की लापरवाही की होगी जांच

इस मामले में सीजेआई रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी थी कि उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिवार द्वारा 12 जुलाई के लिखे पत्र को उनके सामने पेश करने में देरी क्यों हुई। कोर्ट ने आज इस मामले में सुनवाई करते हुए सभी संबंधित केस को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस केस का ट्रायल 45 दिन में पूरा किया जाए। कोर्ट ने साथ ही यूपी सरकार को आदेश दिया कि पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के रूप में 25 लाख रु दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार और वकील को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश भी दिया।

एक्सिडेंट में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत

एक्सिडेंट में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत

बता दें कि उन्नाव रेप पीड़िता, परिवार के अन्य सदस्य और वकील उस कार में सवार थे जिसे रविवार को ट्रक ने टक्कर मारा था। उस वक्त वे लोग पीड़िता के चाचा से मिलने रायबरेली जा रहे थे। इस एक्सिडेंट में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई जबकि पीड़िता की हालत गंभीर है। इस घटना के बाद पीड़िता के चाचा ने आरोप लगाया था कि कार दुर्घटना के पीछे कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य भाजपा नेताओं का हाथ हैं। सीबीआई ने इस मामले में सेंगर और 10 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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English summary
letter of Unnao rape victim's mother to CJI, Supreme Court orders inquiry
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