तेलंगाना में कौन होगा नेता प्रतिपक्ष, क्या KTR को मिल सकता है पद? जानिए
छह महीने से भी कम समय में होने वाला लोकसभा चुनाव केसीआर के लिए तेलंगाना विधानसभा में हार के बाद मजबूत होकर उभरने का एक और मौका होगा। ऐसे में केसीआर के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजूबत करने और 2024 में लोक चुनावों के लिए उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी है। बीआरएस सूत्रों के मुताबिक केसीआर विधानसभा में विपक्ष के नेता नहीं बनना चाहते हैं। ऐसे में वे अपने बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी राम रा या केटीआर को यह भूमिका सौंप सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टट्स के मुताबिक ऐसा कहा जा रहा है कि केसीआर रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री और सदन के नेता के रूप में देखना बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसके बजाय वह विधायक दल के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व कर सकते हैं और रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार को मुश्किल में डालने के लिए केटीआर के लिए रणनीति तैयार कर सकते हैं।

न्यूज प्लेटफॉर्म बीआरएस नेता ने साउथ फर्स्ट के मुताबिक केटीआर विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए सबसे संभावित विकल्प होंगे। वहीं केसीआर का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष को लेकर नई विधानसभा के गठन और उसके सत्र बुलाए जाने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि विपक्ष का नेता कौन होना चाहिए, लेकिन पार्टी हलकों का मानना है कि यह केटीआर ही होंगे। बीआरएस के एक नेता के मुताबिक फिलहाल वर्तमान विधानसभा कभी भी भंग हो सकती है। नई सरकार के कार्यभार संभालने से पहले नेता प्रतिपक्ष के नाम का भी फैसला हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष के सामने होगी चुनौती
राज्य में अचानक बीआरएस का पिछड़ जाना पार्टी के लिए चिंता का विषय है। हालांकि हार के कारणों पर मंथन जारी है। ऐसे में बीआरएस की किस्मत को फिर से जगाना केसीआर के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। अब पार्टी के उन कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान देंगे जहां चुनावों में बीआरएस को कड़ी चुनौती मिली थी।












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