लॉरेंस बिश्नोई के वकील पर हमले में बड़ा अपडेट, राहुल फतेहपुर-नवीन बॉक्सर ने ली जिम्मेदारी
दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (ISBT) के पास मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े एक वकील की कार पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। अब इस मामले में बड़ा अपडेट यह है कि राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस इस दावे की सच्चाई और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
मंगलवार देर रात लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम के वकील दीपक खत्री की कार पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसी पोस्ट वायरल हुई जिसने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। गैंगस्टर्स ने न सिर्फ हमले की जिम्मेदारी ली है, बल्कि खुलेआम चेतावनी भी दी है कि 'अगली बार अंजाम बुरा होगा'।

राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर का 'फेसबुक पोस्ट'
हमले के बाद राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर नाम के फेसबुक हैंडल से एक पोस्ट शेयर की गई, जिसमें हमले की वजह 'मुखबिरी' बताई गई है।
- हमले की जिम्मेदारी: राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर गोरीपुर ने वकील दीपक खत्री पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली।
- मुखबिरी का आरोप: पोस्ट में दावा किया गया कि दीपक खत्री, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है और उसके लिए मुखबिरी व दलाली करता है।
- धमकी: हमलावरों ने लिखा, 'ये जो तू फिरौती की सेटिंग करवाता है और मुलाकात पर जाके इन्फॉर्मेशन लाता है, ये सब बंद कर दे।'
- परिवार को चेतावनी: वकील को चेतावनी दी गई कि यदि वह नहीं सुधरा, तो उसके पूरे परिवार को सजा भुगतनी पड़ेगी।

आईएसबीटी (ISBT) के पास हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार (24 फरवरी) रात करीब 10:10 बजे कश्मीरी गेट इलाके में हुई। वकील की कार में कुल पांच लोग सवार थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने गाड़ी पर 4 से 5 राउंड फायरिंग की। इस हमले में लॉरेंस बिश्नोई का वकील दीपक खत्री सुरक्षित है, लेकिन गाड़ी में सवार एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।
डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया ने बताया कि पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही हैं।
क्या फर्जी है सोशल मीडिया दावा?
दिल्ली पुलिस फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
- IP एड्रेस की पड़ताल: जिस अकाउंट से पोस्ट की गई है, उसके आईपी एड्रेस को ट्रेस किया जा रहा है ताकि पता चल सके कि इसे कहाँ से ऑपरेट किया गया।
- गैंगवार पर नजर: राजधानी में लॉरेंस बिश्नोई और उसके विरोधियों के बीच बढ़ती सक्रियता को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है।
एक तरफ दिल्ली में बिश्नोई के करीबियों पर हमले हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अपराधी उसके नाम का खौफ बेच रहे हैं। मुंबई की बोरीवली पुलिस ने झारखंड के वाससेपुर के रहने वाले चार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बताकर एक जौहरी (Jeweller) से 30 लाख रुपये मांग रहे थे।
आरोपियों ने जौहरी को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसका भी वही हाल होगा जो बाबा सिद्दीकी का हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रियाजुद्दीन बशीर (29), मोहम्मद फैयाज मंसूरी (27), मोहम्मद अशरफुल (36) और मोहम्मद अरबाज अंसारी (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने जौहरी से कहा कि वह आरोपियों को लालच दे कि वह उन्हें 'सोने के सिक्के' देगा। जैसे ही ये चारों सिक्के लेने पहुंचे, पुलिस ने इन्हें माहिम, बांद्रा और जोगेश्वरी से धर दबोचा।
बिश्नोई गैंग से कोई संबंध नहीं
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए इन चारों आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई लेना-देना नहीं है। ये केवल बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैला रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से विले पार्ले और डीएन नगर में हुई जबरन वसूली की अन्य वारदातें भी सुलझ गई हैं।












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