ट्रेन धमाका : अच्छा हुआ कल दो घंटे लेट थी ट्रेन वरना ...

नेल्लोर और गुंटूर में धमाके हो सकते थे यदि ट्रेन समय के मुताबिक चल रही होती। इस तथ्य ने राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। मोदी की रैली क्षेत्र में यदि धमाके होते तो निशाना उन लोगों पर होता जो मोदी की जनसभा में शामिल होने जा रहे थे।
कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहले ही आशंका जता चुके हैं कि मोदी आतंकवादियों की हिटलिस्ट में हैं। चेन्नई सेंट्रल के प्लेटफॉर्म नं 9 पर ट्रेन में हुए दो बम विस्फोटों के मद्देनजर, मोदी के दौरे के समय उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई गई। जहां जहां उन्होंने रैलियों को संबोधित किया, उन इलाकों की सुरक्षा भी कडी कर दी गई।'' अधिकारी के अनुसार, मोदी के सुरक्षा दस्ते के आग्रह पर अतिरिक्त कर्मी उन्हें मुहैया कराए गए।
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आंध्रप्रदेश के सीमांध्र क्षेत्र में 7 मई को मतदान होगा। इससे पहले आतंकी नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के साथ साथ उनकी सभाओं में उमड़ने वालों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं। गौरतलब है मोदी की पटना रैली में भी कुछ ऐसी ही योजना थी, जिसमें आतंकी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए।












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