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आसाराम का नामोनिशान मिटाने पर आमादा भोपाली, सीएम ने भी किया समर्थन

By Dharmender Kumar
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    नई दिल्ली। नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आसाराम का पूरा जीवन अब जेल की सलाखों के पीछे कटेगा। इस मामले में उसके दो सहयोगियों शिल्पी और शरद को भी 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा तीनों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा मिलने के बाद अब सामाजिक तौर पर आसाराम का विरोध सामने आने लगा है। मध्य प्रदेश के भोपाल में आसाराम के नाम पर पड़े सार्वजनिक स्थलों के नाम हटाए जा रहे हैं।

    'बदला जाए आसाराम बस स्टॉप का नाम'

    'बदला जाए आसाराम बस स्टॉप का नाम'

    दरअसल भोपाल में एक बस स्टॉप का नाम आसाराम के नाम पर था। सामाजिक कार्यकर्ता और भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली रचना ढींगरा ने इस बस स्टॉप का नाम बदलने की मांग उठाई। रचना ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रदेश के मुखिया @ChouhanShivraj से आशा है कि वह बलात्कारी आसाराम के नाम पर भोपाल में बने चौराहे और बस स्टॉप का नाम बदलेंगे। आपकी करनी के इंतजार में।'

    'औरंगजेब रोड का नाम बदल दिया, इसे भी बदलेंगे'

    'औरंगजेब रोड का नाम बदल दिया, इसे भी बदलेंगे'

    रचना ढींगरा के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, 'हमारे देश में संविधान, कानून और जनभावना से ऊपर कुछ भी नहीं हैं। यह वह देश है, जहां पर औरंगजेब रोड का भी नाम बदल दिया गया है। जल्द ही इस मामले पर भी उचित कार्रवाई करेंगे।' रचना ढींगरा के ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं भी आईं और सभी ने चौराहे का नाम बदले जाने का समर्थन किया।

    'संत आसाराम नगर' को किया गया काला

    'संत आसाराम नगर' को किया गया काला

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रिप्लाई पर रचना ढींगरा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आपके जवाब के लिए शुक्रिया। कार्यवाही का कब तक इंतजार करें। आपसे गुजारिश है कि इस भले काम को कल ही करवा दें।' इसके बाद भोपाल विकास प्राधिकरण की टीम ने आसाराम बस स्टॉप के बोर्ड को मौके से हटा दिया। यही नहीं, भोपाल में ही स्थित एक कॉलोनी 'संत आसाराम नगर' का नाम भी काला कर दिया गया है।

    आसाराम हुआ कैदी नंबर 130

    आसाराम हुआ कैदी नंबर 130

    गौरतलब है कि सन 2013 के नाबालिग से रेप मामले में बुधवार को फैसला आया था। आसाराम इस मामले में करीब साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद है लेकिन अभी तक वो विचाराधीन कैदी था। अब उम्रकैद की सजा के बाद आसाराम को जेल के कपड़े दिए गए हैं और साथ ही उसे कैदी नंबर भी मिल गया है। आसाराम को अब कैदी नंबर 130 के तौर पर जेल में जाना जाएगा।

    'अब मर भी जाएं तो दुख नहीं होगा'

    'अब मर भी जाएं तो दुख नहीं होगा'

    जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 370 (4), 376 (2)F, 506 342, 376 डी, 120 बी और धारा 23 किशोर न्याय के अंतर्गत दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। आसाराम को दोषी करार दिये जाने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम को सजा हुई, इसका उन्हें संतोष है, हमें इंसाफ मिला है। इस लड़ाई में हमारा साथ देने वाले सभी लोगों को हम धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अब वो मर भी जाएं तो उन्हें दुख नहीं होगा।

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    English summary
    Landmarks Named After Asaram removed IN Bhopal Madhya Pradesh.

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