RSS से निपटने के लिए लालू के बेटे तेज प्रताप ने निकाला नया फॉर्मूला
आरएसएस से निपटने के लिए लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने किया डीएसएस का गठन, सभी धर्मों को एक करने की कर रहे हैं वकालत
नई दिल्ली। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने रविवार को तीन किलोमीटर लंबा मार्च गांधी मैदान से मिलर स्कूल के बीच पटना में निकाला। इस मार्च को निकालने में अहम भूमिका धर्म निरपेक्ष सेवक संघ ने निभाई जिसका निर्माण खुद तेज प्रताप ने कुछ समय पहले की थी। इस संस्था का नाम तेज प्रताप ने जानबूझकर आरएसएस से मिलता-जुलता रखा है, इसके पीछे का उनका तर्क है कि डीएसएस आरएसएस की जगह ले सकती है।

सभी धर्मों को एक होना चाहिए
डीएसएस के निर्माण के पीछे के अपने तर्क के बारे में तेज प्रताप का कहना है कि इसके जरिए सभी धर्मों को एक साथ लेकर चलना चाहते हैं। वह कहते हैं कि जब आरएसएस सिर्फ हिंदुओं की बात कर रहा है तो डीएसएस सभी धर्मों की बात करेगा। जब सभी धर्म एक हो जाएंगे तो आरएसएस की रणनीति विफल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सभी धर्म एक में मिल जाएंगे तो यह ताकत आरएसएस और भाजपा से आसानी से निपट सकती है।
सोशल मीडिया पर हैं काफी सक्रिय
तेज प्रताप के इस अभियान को हालांकि उनके ही पार्टी के लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं। लालू के दूसरे बेटे तेजस्विनी यादव अपने पिता की ही राह पर चलते हुए सेक्युलर राजनीति का समर्थन करते हैं। तेज प्रताप अपने ही पिता की तर्ज पर लोगों से बात करते हैं और उनके अपने समर्थक हैं, जिसमें ज्यादातर दानापुर और मनेर के युवा हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और अपने भाषणों को सोशल मीडिया पर साझा करने से कभी नहीं चूकते हैं।
इसे भी पढ़ें- सरकार ने आरटीआई में किए ये बदलाव, कांग्रेस ने कहा- BJP खत्म करना चाहती है कानून
खुद को स्थापित करने की कवायद
बहरहाल तेज प्रताप अपने डीएसएस के जरिए खुद की राजनीतिक समझ को लोगों के बीच रखने की कोशिश कर रहे हैं। वह ना सिर्फ लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में जुटे हैं बल्कि अपने परिवार के भीतर भी अपनी महत्ता को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक अपने छोटे भाई के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन डीएसएस के जरिए वह अपनी बात को लोगों के बीच रख रहे हैं। हालांकि अभी तक तेज प्रताप ने अपनी भविष्य की योजना बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपनी राजनीति को आने वाले समय में किस ओर लेकर जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications