लखीमपुर खीरी की घटना में एफआईआर सिर्फ आंखों में धूल झोंकने के लिए: असदुद्दीन ओवैसी
लखीमपुर खीरी की घटना में एफआईआर सिर्फ आंखों में धूल झोंकने के लिए: असदुद्दीन
लखनऊ, 4 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नाखुशी जाहिर की है। ओवैसी ने कहा है कि लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस घटना में निष्पक्ष जांच नहीं होगी। हमारी मांग है कि किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो ताकि मामले में सच सामने आए।

असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी कहा है कि लखीमपुर खीरी में जो कुछ हुआ है वो राज्य प्रायोजित हिंसा है। इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों को दोषी ठहराया जाना चाहिए क्योंकि गृह राज्यमंत्री ने कुछ दिन पहले एक भड़काऊ भाषण दिया था कि 2 मिनट के भीतर किसानों को सबक सिखा, इस बयान ने हिंसा भड़काने का काम किया है।
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने घटना पर दो ट्वीट किए थे। उन्होंने अपने ट्वीच में लिखा- योगी राज में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। लखीमपुर खीरी कांड इस बात का ठोस सबूत है। 8 लोगों की जान जा चुकी है, इसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ सरकार पर है। हादसे में कथित तौर पर एक केंद्रीय मंत्री के बेटे शामिल थे, इस वजह से जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। मामले की न्यायिक जाँच हो और तीनों कृषि कानून जल्द से जल्द वापस लिए जाएँ। अब और किसानों को अपनी जान गंवानी नहीं चाहिए।
क्या है मामला
रविवार शाम लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के दौरे का विरोध करने के लिए इकट्टा हुए किसानों को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष ने कथित तौर पर अपनी गाड़ी से कुचल दिया था। इस घटना में हुई हिंसा में चार किसानों, एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हुई है। मामले में आशीष समेत 14 लोगों के खिलाफ तिकुनिया पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।












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