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Ladakh: क्या गलवान में चीन की सेना के साथ फिर हुई झड़प ? भारतीय सेना ने बताई सच्चाई

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नई दिल्ली, 14 जुलाई: पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के फिर से वास्तविक नियंत्रण पार करने और गलवान घाटी में झड़प होने की एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट को भारतीय सेना ने पूरी तरह से खंडन करते हुए उसे 'झूठा और निराधार' बताया है। सेना ने कहा है कि यह न्यूज रिपोर्ट पूरी तरह से भ्रामक और गलत सूचनाओं से भरपूर है। गौरतलब है कि इसी न्यूज रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की थी। उन्होंने आर्टिकल की कॉपी के साथ ट्वीट किया था, "मोदी सरकार ने विदेश व रक्षा नीति को देश का राजनैतिक हथकंडा बनाकर हमारे देश को कमजोर कर दिया है। भारत इतना असुरक्षित कभी नहीं रहा।"

न्यूज रिपोर्ट दुर्भावनापूर्ण है- सेना

न्यूज रिपोर्ट दुर्भावनापूर्ण है- सेना

भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिको के साथ फिर से ताजा झड़प होने की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। इंडियन आर्मी ने कहा है यह खबर 'सच्चाई पर आधारित नहीं है।' भारतीय सेना ने कहा है कि दोनों ओर से बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है और अपने-अपने इलाके में दोनों ओर से पेट्रोलिंग लगातार चल रही है। सेना ने कहा है कि चीन के साथ हुए समझौते को टूटने से संबंधित न्यूज आर्टिकल गलत है। इतना ही नहीं भारतीय सेना ने कहा है कि न्यूज रिपोर्ट 'दुर्भावनापूर्ण और किसी सच्चाई पर आधारित नहीं है।' इसके मुताबिक आर्टिकल को अपुष्ट तथ्यों के साथ प्रकाशित किया गया है।' यही नहीं सेना ने पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी के पास दोनों सेनाओं के बीच फिर से झड़प होने की खबरों का भी जोरदार खंडन किया है।

धरातल पर स्थिति पहले जैसी- सेना

धरातल पर स्थिति पहले जैसी- सेना

भारतीय सेना के मुताबिक इस साल फरवरी में पूर्वी लद्दाख के जिन इलाकों से दोनों सेनाएं पीछे हटी हैं, उसे दोनों की ओर से फिर से कब्जे में लेने की कोई कोशिश नहीं हुई है। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'इस साल फरवरी में डिसइंगेजमेंट समझौते के बाद से, किसी भी पक्ष की ओर से उन क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोई कोशिश नहीं की गई है, जहां से पीछे हटने की कार्रवाई हुई थी। गलवान या किसी और इलाके में कोई झड़प नहीं हुई है, जैसा कि आर्टिकल में बताया गया है।' सेना ने कहा है कि वह इलाके में सैनिकों को बदले जाने समेत पीएलए की तमाम गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही है। यही नहीं बाकी बचे मसलों को सुलझाने के लिए भी दोनों और से लगातार बातचीत चल रही है। सेना का कहना है, 'धरातल पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।............न्यूज आर्टिकल को अपुष्ट तथ्यों के साथ प्रकाशित किया गया है और इसका जोरदार खंडन किया जाता है।'

मीडिया रिपोर्ट में क्या था ?

मीडिया रिपोर्ट में क्या था ?

इससे पहले एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन की सेना ने पूर्वी लद्दाख में कई जगहों पर एक बार फिर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार किया है और कम से कम एक जगह पर दोनों सेनाओं के बीच झड़प भी हुई है। रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया था कि यह झड़प गलवान नदी के पास हुई है, जो उस जगह के नजदीक है, जहां पर पिछले साल 15 जून को 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि इसबार कोई हताहत हुआ है या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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कुछ इलाकों में अभी भी है विवाद

कुछ इलाकों में अभी भी है विवाद

दरअसल, पिछले साल मई से लेकर इस साल फरवरी तक भारत और चीन के सैनिक लद्दाख में एलएसी पर कई जगहों पर आमने-सामने मौजूद थे। लेकिन, राजनयिक स्तर पर और सैन्य कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद इस साल फरवरी से दोनों सेनाओं ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से अपने जवानों और हथियारों को पीछे हटा लिया था। अब दोनों देशों के बीच हॉट स्प्रिंग, गोगरा और पूर्वी लद्दाख के देपसांग को लेकर विवाद है, जिसपर बातचीत की प्रक्रिया जारी है।

English summary
Reports of clashes with China again in Galwan Valley of Ladakh are false, Indian Army denies media reports
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