आप के 20 विधायकों के मामले पर बोले कुमार विश्वास, 'मैंने कुछ सलाह दी थी, लेकिन मुझे चुप करा दिया'
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता का रद्द होने का फैसला अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ में है। शुक्रवार को चुनाव आयोग ने सभी विधायकों को अयोग्य करार देते हुए सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेज दिया था। अब इस मामले पर आप के सह-संस्थापक सदस्यों में से एक कुमार विश्वास ने आम आदमी पार्टी को निशाने पर लिया है।

मैंने कुछ सलाह दी थी, लेकिन मुझे चुप करवा दिया
कुमार विश्वास ने कहा कि, 20 आप विधायकों के खिलाफ कार्रवाई होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। मैंने कुछ सलाह दी थी, लेकिन मुझे बताया गया कि लोगों को नियुक्त करना सीएम का अधिकार है, इसलिए मैं चुप रहा। मुझे बेहद दुख हो रहा है। मैंने इन विधायकों जो मेरे छोटे-भाई बहन की तरह हैं उनके लिए कई सभाएं की है। मेरी आँखों के सामने वह चेहरे आ रहे हैं। मैंने अल्का, संजीव, सोमदत्त, सरिता अन्य के लिए 5-5 रैलियां की हैं।

अरविंद ने कहा था, मंत्रियों को चुनना सीएम की विषेशाधिकार है
फिलहाल मैं पार्टी के संपर्क में नहीं हूं और न ही मुझे कोई सूचना दी जाती है। जब पहली बार मंत्रालय बन रहे थे तब मैंने आदर्श शास्त्री जैसे साथियों को लेकर सुझाव दिए थे, तब मुख्यमंत्री ने मुझे कहा था कि मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है मंत्रियों को बनाना। इसमें तुम हस्तक्षेप मत करो। तब मैं चुप हो गया।

राज्यसभा चुनाव के तीन दिन पहले मुझे वाट्सएप ग्रुप से निकाल दिया
कुमार विश्वास ने कहा कि, हम तो संगठन के लोग हैं और मेरा काम रैली करके चुनाव जिताना है। कुमार विश्वास ने पार्टी पर आरोप लगाया कि मुझे पार्टी की ओर से किसी भी मुद्दे पर सूचनाएं नहीं मिलती हैं। जो सूचनाएं मुझे पार्टी के वाट्सएप ग्रुप से मिलती थीं, उससे भी मुझे राज्यसभा चुनाव के तीन दिन पहले निकाल दिया गया था और पार्टी नेता फोन उठाते नहीं हैं। आपको बता दें कि पार्टी द्वारा राज्यसभा के लिए कुमार विश्वास को टिकट ना दिए जाने से नाराज चल रहे हैं। इसको लेकर वे कई बार बगावती तेवर भी दिखा चुके हैं।












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