RG Kar case: 'मैं निर्दोष हूं, मुझे जबरन फंसाया', उम्र कैद की सजा से पहले कोर्ट में क्या बोला दोषी संजय रॉय
Kolkata RG Kar case sentencing: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और आत्महत्या मामले में सियालदह कोर्ट ने सोमवार (20 जनवरी) को दोषी संजय रॉय को उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने संजय रॉय पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 1000,000 रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। हालांकि परिवार ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।
उम्र कैद की सजा से पहले कोर्ट में बहस के दौरान दोषी संजय रॉय और सीबीआई के वकील कोर्ट में मौजूद थे। सजा सुनाने से पहले दोषी संजय को बोलने का मौका दिया गया। इस दौरान संजय ने कहा, ''मैं निर्दोष हूं। मैंने कोई जुर्म नहीं किया है। मुझे इस मामले में जबरन फंसाया गया है। मुझसे कई जगह सिग्नेचर कराए गए हैं। मैंने यह काम नहीं किया। जिन्होंने ये काम किया है, उनको तो छोड़ दिया गया है। मैं रुद्राक्ष की माला पहनता हूं और अगर मैंने अपराध किया होता तो यह टूट जाती।'' वहीं सीबीआई ने कहा है कि संजय को फांसी दी जानी चाहिए। संजय की सजा के लिए 160 पेज का फैसला लिखा गया है।

संजय रॉय ने मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों ने उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। सीबीआई और पीड़ित परिवार ने संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
संजय को सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अंदर 31 वर्षीय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराया गया था।
बहस के दौरान कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
जज ने कहा, "भले ही यह दुर्लभतम मामला हो, लेकिन सुधार की गुंजाइश होनी चाहिए। कोर्ट को यह दिखाना होगा कि दोषी क्यों सुधार या पुनर्वास के लायक नहीं है... सरकारी वकील को सबूत पेश करने होंगे और कारण बताने होंगे कि वह व्यक्ति सुधार के लायक क्यों नहीं है और उसे समाज से पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए।'' पीड़ित के परिवार के वकील ने संजय रॉय के लिए अधिकतम सजा के रूप में मौत की सजा की मांग की।
आरजी कर मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर तपन प्रमाणिक ने कहा कि आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में कई लोग शामिल थे और सीबीआई द्वारा की गई जांच पूरी तरह से बेकार है। तपन प्रमाणिक ने कहा, "चाहे आजीवन कारावास हो या फांसी हो, मैं फैसले का स्वागत करूंगा।''
RG Kar rape case verdict Key points: आरजी कर बलात्कार मामले पर संजय रॉय को किन धाराओं में ठहराया गया दोषी?
- संजय रॉय को डॉक्टर का यौन उत्पीड़न करने और गला घोंटकर उसकी हत्या करने का दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने उसे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत दोषी ठहराया।
- जिन आरोपों के तहत संजय रॉय को दोषी ठहराया गया है, उनमें न्यूनतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है, जबकि अधिकतम मृत्युदंड हो सकता है।
- बीएनएस की धारा 64 (बलात्कार) के तहत कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है और यह आजीवन कारावास तक हो सकती है।
- धारा 66 (पीड़ित की मृत्यु या लगातार निष्क्रिय अवस्था में रहने के लिए सजा) में कम से कम 20 साल की सजा का प्रावधान है, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ है उस व्यक्ति के शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास या मृत्युदंड।
- बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) में अपराध के लिए दोषी व्यक्ति को मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है।












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