डॉक्टरों के प्रदर्शन के बीच मेयर की डॉक्टर बेटी ने कहा, टीएमसी समर्थक होने पर शर्मिंदा हूं
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जिस तरह से इलाज के दौरान मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों ने डॉक्टरों के पिटाई की, उसके बाद प्रदेश के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। वहीं डॉक्टरों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि डॉक्टरों को लेफ्ट और भाजपा के नेता भड़का रहे हैं, ये लोग सांप्रदायिक हिंसा भड़काना चाहते हैं। लेकिन इस बीच कोलकाता की मेयर की डॉक्टर बेटी ने ही ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की है। मेयर फिरहाद हाकिम की बेटी शब्बा हाकिम ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ममता सरकार पर निशाना साधा है।

टीएमसी समर्थक होने पर शर्मिंदा
शब्बा हाकिम ने लिखा है कि डॉक्टरों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है। उन्होंने लिखा कि टीएमसी समर्थक होने के नाते मैं इस बात से बहुत शर्मिंदा हूं कि हमारी नेता ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और चुप्पी साध रखी। बता दें कि ममता बनर्जी ने तमाम प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को अल्टिमेटम दिया है। इन डॉक्टरों को दोपहर 2 बजे तक काम पर लौटने को कहा गया है, लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें पहले बेहतर सुरक्षा मुहैया कराई जाए, साथ ही जिन लोगों ने डॉक्टरों पर हमला किया उनपर कार्रवाई की जाए।
ममता की पुलिस पर खड़ा किया सवाल
शब्बा हाकिम ने फेसबुक पर पोस्ट करके लिखा है कि आखिर क्यों अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी डॉक्टरो की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते हैं। उन लोगों से सवाल पूछिए कि जब दो गाड़ियों में भरकर गुंडे यहां पहुंचे, तो सुरक्षा लोगों के लिए क्यों नहीं भेजी गई। सवाल पूछिए कि आखिर क्यों अस्पताल के आसपास गुंडे घूमते रहेत हैं और वह डॉक्टरों को पीटते हैं। हमारा अधिकार है कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हैं, हमारा अधिकार है कि काम के दौरान हमे सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

देशव्यापी प्रदर्शन
बता दें कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जिस तरह से डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है उसके बाद आज देशभर के लाखों डॉक्टर आज प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसकी वजह से तमाम प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अपने साथी डॉक्टरों के साथ मारपीट के विरोध में पश्चिम बंगाल में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल का समर्थन ना सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि कई राज्यों के डॉक्टर कर रहे हैं। तमाम डॉक्टर मांग कर रहे हैं कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।












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