कोलकाता कांड: रेप या गैंगरेप? CBI ने कहां तक की जांच, सुप्रीम कोर्ट से क्या-क्या कहा? इन 5 प्वाइंट में समझेंं
Kolkata Doctor Case Supreme Court: कोलकाता के डॉक्टर बलात्कार और हत्या मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (22 अगस्त) को इस मामले में अब तक की जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 13 अगस्त को उन्होंने केस ली थी, तब तक सब कुछ बदल चुका था। क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ की जा चुकी थी।
सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट बताया, "सीबीआई ने पांचवें दिन जांच शुरू की और तब तक सब कुछ बदल चुका था।" सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के निर्देश का पालन करत हुए जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। इसके साथ ही कोर्ट को सीबीआई ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज की गई तारीख और समय के साथ कई मुद्दों पर भी जानकारी दी।

कोलकाता रेप-हत्याकांड की जांच को लेकर CBI ने सुप्रीम कोर्ट से क्या-क्या कहा?
🔴 1. सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन-न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट की बेंच को बताया, "एक पहलू यह है कि कोलकाता पुलिस द्वारा दैनिक डायरी (डीडी) प्रविष्टि सुबह 10:10 बजे की गई थी, लेकिन क्राइम सीन को 11:30 बजे सुरक्षित किया गया था। यह परेशान करने वाला है।"
इस पर कोर्ट ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (बंगाल सरकार की ओर से पेश) से पूछा कि पोस्टमार्टम कब हुआ था। सिब्बल ने जवाब दिया कि पोस्टमार्टम शाम 6:10 से 7:10 बजे के बीच किया गया था।
🔴 2. सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने पांचवें दिन जांच शुरू की थी। तब तक बहुत कुछ बदल दिया गया था। क्राइम सीन को भी बदला गया था।
हालांकि कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि "हर चीज की वीडियोग्राफी की गई थी" और उसके पास हर घटना की टाइम लाइन है।
🔴 3. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई अपनी जांच स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि इस पूरे मामले को लेकर आरजी कर अस्पताल प्रशासन का रवैया निराशाजनक और उदासीन रहा है। घटना की सूचना पीड़िता के परिजनों को देरी से दी गई। पहले बिना जांच पड़ताल किए, मामले को सुसाइड कह दिया गया। हत्या को आत्महत्या बताने की कोशिश शक पैदा करता है। हम मामले की तह तक जाने में लगे हुए हैं।
🔴 4. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा कि, पुलिस डायरी और पोस्टमार्टम के वक्त में अतंर है। हमें आरोपी संजय रॉय की मेडिकल जांच पर भी संदेह है। इसलिए हम उसकी पॉलीग्राफी टेस्ट करवाना चाह रहे हैं।
🔴 5. एसजी तुषार मेहता ने कहा, रिपोर्ट में कहा गया था कि पीड़िता बेहोश है...लेकिन यह जानने के लिए डॉक्टर की जरूरत नहीं है कि वह एक मृत शरीर है। जो हैरान करने वाला है। सीबीआई की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि, यूडी रिपोर्ट की टाइमिंग एफआईआर से मेल नहीं खाती है। यूडी वास्तव में रात 11:30 बजे थी। जिसपर कपिल सिब्बल ने कहा, 'नहीं नहीं.. फिर वीडियो सीडी दिखाएं।'
जिसका जवाब देते हुए एसजी तुषार मेहता ने कहा, कृपया सामान्य डायरी प्रविष्टि पढ़ें...अगले पृष्ठ पर आएं..पुलिस स्टेशन लौटने के बाद रात 11:30 बजे यूडी मामला दर्ज किया गया है, पहले केवल जीडी प्रविष्टि थी...यही घटनाक्रम है।
इसके जवाब में कपिल सिब्बल ने कहा, ''यह सब सिर्फ पानी को गंदा कर रहा है और आप यही कर रहे हैं।'' जवाब में मेहता ने कहा, हम बस पानी से कीचड़ हटा रहे हैं, बस इतना ही।
🔴 6. ये रेप है या गैंगरेप? इसपर भी सीबीआई आज सीएफएसएल (CFSL) रिपोर्ट सौंपने वाली थी, फिलहाल उसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि इंडिया टुडे ने रिपोर्ट में दावा किया है कि ये सीबीआई को अब तक की जांच में मृतका के बलात्कार और हत्या में केवल संजय रॉय की ही संलिप्ता मिली है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई स्टेट्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि अभी तक के जांच में ये पता चला है कि संजय रॉय ने ही पीड़िता का बलात्कार किया था और हत्या की थी। सीबीआई ने फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज भी देखी है, जिससे सिर्फ रेप के ही संकेत मिले हैं।












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