जानिए वास्तव में है क्या पेपर स्प्रे जिसने संसद में मचाया हड़कंप?

पेपर स्प्रे को ओसी स्प्रे और मिर्च (काली मिर्च का पाउडर) स्प्रे भी कहा जाता है। इसके छिड़कने से आंखों में जलन होती है और आंसू आने लग जाते हैं। साथ ही तेज दर्द होता है और कुछ समय के लिए अंधापन आ जाता है। इस स्प्रे का ज्यादातर प्रयोग बेकाबू भीड़ को काबू करने या फिर आत्मरक्षा में किया जाता है। डॉक्टरों की मानें तो इसके उपयोग से नुकसान कम होता है मगर मौत के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। आपको बता दें कि पेपर स्प्रे में मुख्य रूप से मिर्च से निकाला गया केप्सिसीन नामक तत्व काम में लिया जाता है।
इसे निकालने के लिए एथेनोल जैसे विलायक को प्रयोग में लाया जाता है। इसके बाद विलायक वाष्पीकृत हो जाता है और शेष बची हुई सामग्री को पेपर स्प्रे के रूप में लिया जाता है। हालांकि अलग-अलग देशों में कैप्सिसीन की मात्रा अलग-अलग होती है। पेपर स्प्रे तीव्र उत्तेजना वाला होता है। इससे आंखों में जलन होती है और बंद करना पड़ता है। साथ ही सांस लेने में दिक्कत, नाकों से पानी बहता है और खांसी आने लगती है। इसका असर लगभग 30 से 45 मिनट तक होता है। इससे होने वाले असर को पानी से दूर नहीं किया जा सकता।












Click it and Unblock the Notifications