• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जानिए, कोरोना संकट के समय राहुल गांधी आखिर मोदी सरकार से क्या चाहते हैं?

|

नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और गांधी परिवार के उत्तराधिकारी राहुल गांधी ने एक बार फिर 2019 का लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना की पैरोकारी पर उतर आए हैं, यह अलग बात है कि कांग्रेस के लोकलुभावन न्याय योजना को देश की जनता ने ही नकार दिया था और लगातार दूसरी बार कांग्रेस को चुनाव में बुरी का हार सामना करना पड़ा था।

12 अगस्‍त को रूस से आ रही है पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन, जानिए इसके बारे में सबकुछ

nyay

दरअसल, हाल ही में लॉकडाउन में परेशान मजदूरों से बातचीत के लिए सड़क पर उतरे राहुल गांधी चाहते हैं कि मोदी सरकार कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना को लाग करे, जिसके तहत देश के प्रत्येक करीब को 6000 रुपए नकद देने की योजना है। न्याय- न्यूनतम आय योजना के तहत प्रत्येक गरीब के बैंक खातों में 6000 रुपए नकद हस्तांतरण की प्रस्ताव था।

प्रियंका गांधी ने यूपी में प्रवासी मजदूरों के लिए भेजी 1000 बसें तो मायावती ने दे डाली ये नसीहत

पीएम मोदी ने कब-कब जवानों के बीच पहुंचकर सबको चौंकाया ?

nyay

हालांकि कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल न्याय योजना को कभी भी मोदी सरकार का समर्थन नहीं मिला, बल्कि 2019 लोकसभा चुनावों से पहले ही बीजेपी की खुद की एक प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजना लांच कर दी थी। राहुल गांधी की न्याय योजना के तहत जहां सबसे गरीब पांच करोड़ परिवारों को 6,000 रुपए का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण का प्रस्ताव था। वहीं, मोदी सरकार के पीएम किसान योजना ने तीन समान किश्तों में 6,000 रुपए प्रति वर्ष की पेशकश की थी।

वित्त मंत्री ने सोनिया से हाथ क्यों जोड़े और राहुल गांधी को हिंदी में क्या-क्या सुनाया ?

जानिए, कितनी होगी उस वैक्सीन की कीमत, जिसे कोरोना के खिलाफ तैयार कर रहा सीरम इंस्टीट्यूट

nyay

कोरोना संकट के दौरान न्याय योजना को वकालत करते हुए राहुल गांधी ने वापस उसे एक बार फिर चर्चा ला दिया है। चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, ऐसे में Covid-19 संकट के बीच आर्थिक बंदी के जवाब में कांग्रेस ने न्याय योजना को दोबारा पेश किया। इसी बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय भी इसकी वकालत कर चुके है।

राहुल गांधी की मजदूरों से मुलाकात के बाद गरमाई राजनीति, आरके सिंह बोले- फोटो खिंचवाने गए थे

nyay

दिलचस्प बात यह है कि सरकार और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों ही इस बात के आकलन में एकमत हैं कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन से गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दोनों इससे भी सहमत हैं कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान आर्थिक मंदी एक मुख्य समस्या बन गई है क्योंकि गरीबों के हाथ में पर्याप्त पैसा नहीं है।

पैदल घरों को लौट रहे मजदूरों से मिले राहुल गांधी, गाड़ियों से घरों को भेजने का किया इंतजाम

nyay

फिर भी आर्थिक बीमारी के लिए दोनों के नुस्खे काफी अलग हैं। राहुल गांधी न्याय को वापस ले आए और अपनी मांग को लेकर चर्चा में हैं। राहुल गांधी का मानना है कि मोदी सरकार को न्याय योजना के नकदी हस्तांतरण प्रस्ताव को कम से कम अस्थायी रूप से" लागू करना चाहिए ताकि गरीबों और देश की अर्थव्यवस्था को मदद मिल सके।

राहुल गांधी ने MNREGA के लिए 40,000 करोड़ के अतिरिक्त बजट के लिए PM मोदी का आभार जताया

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The 'Nyay Yojana', included in the Congress manifesto, never got the support of the Modi government but launched a direct cash transfer scheme of the BJP itself before the 2019 Lok Sabha elections. Under Rahul Gandhi's scheme of justice, a direct cash transfer of Rs 6,000 was proposed to the poorest five crore families. At the same time, PM Kisan Yojana of Modi government offered Rs 6,000 per year in three equal installments.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more