विश्व पर्यावरण दिवस: जानिए दुनियाभर में पेड़ों की संख्या, हर साल इतने वृक्षों पर चल रही कुल्हाड़ी

नई दिल्ली, 05 जून: पूरी दुनिया आज पर्यावरण दिवस मना रही है। हर साल विश्वभर में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है। यह दिन प्रकृति के नाम होता है, जिसके पीछे का मकसद है, लोगों के अंदर पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाना। क्योंकि जिस तरह से दुनियाभर में आबादी बढ़ रही है, वैसे-वैसे घने जंगल सिमटते जा रहे हैं। ऐसे में जब पूरी मानव जाति प्रकृति पर निर्भर है तो इसका जीवन पर असर पड़ना लाजमी है। जीने के लिए हवा, पानी और भोजन की जरूरत है, जो हमें पर्यावरण से ही मिलता है। बिना पेड़ों से इसकी कल्पना करना भी संभव नहीं है। ऐसे में मन में कभी-कभी यह सवाल भी आता होगा कि दुनिया में कितने पेड़ होंगे? तो आज विश्व पर्यावरण के मौके पर जानिए आपके इस सवाल का जवाब।

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    World Environment Day

    3.04 ट्रिलियन पेड़ होने का अनुमान

    ऐसे समय में जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और वनों की कटाई के विनाशकारी प्रभावों का सामना कर रही है, लोगों का ध्यान कभी पेड़ों की ओर नहीं गया। दुनियाभर में इंसानी बस्तियों के बढ़ने के साथ ही रिहाइशी इलाकों के एरिया में लगातार इजाफा किया जा रहा है, जिसकी वजह से जंगलों का फैलाव सिकुड़ता जा रहा है। इस कारण ना सिर्फ वन क्षेत्रों का दोहन हो रहा है, बल्कि जंगलों में रहने वाले जंगली जानवर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच विश्व स्तर पर 3.04 ट्रिलियन (30 खरब 40 अरब ) पेड़ होने का अनुमान है। यह नेचर जर्नल में छपि एक स्टडी के मुताबिक है। इसका मतलब है कि पृथ्वी पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए लगभग 422 पेड़ हैं।

    जानिए इंसानों से पहले कितने पेड़ थे?

    इस बीच वनों की कटाई की हमारी वर्तमान दर और साथ ही साथ बड़ी संख्या में वृक्षारोपण की पहल के साथ आने वाले दशकों में यह संख्या स्थिर होने की उम्मीद है। एक सवाल यह भी है कि आज के मौजूदा वक्त से पहले कितने पेड़ हुआ करते थे? मनुष्य और मानव सभ्यता के उदय से पहले अधिकांश इतिहासकारों का अनुमान है कि दुनिया के जंगलों ने लगभग 6 अरब हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया था। आज इसका केवल एक अंश ही बाकी है, विश्व में वनावरण लगभग 3 बिलियन हेक्टेयर तक कम हो चुका है। अनुमानित रूप से बताया जाता है उस वक्त लगभग 6 ट्रिलियन पेड़ हुआ करते थे, यानी आज जितने पेड़ हैं उससे लगभग दोगुना हरियाली का विनाश हो चुका है।

    हर साल 10 अरब पेड़ काटे जा रहे

    लेटेस्ट नेचर जर्नल में छपि रिपोर्ट के मुताबिक इस नुकसान के पीछे कृषि और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। पूरी दुनिया में हर साल लगभग 10 अरब पेड़ काटे जा रहे हैं।वर्तमान में दुनिया भर की सरकारों ने विभिन्न वृक्ष संरक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो उपलब्ध वनसंपदा की सुरक्षा में मदद करता है। अमेरिका में राष्ट्रीय वनों के निर्माण, जैसे कि अलास्का में दो राष्ट्रीय वन ने भी पेड़ों की कटाई को कम करने में मदद की है।

    विश्व के लगभग 50 फीसदी वन क्षेत्र 5 सबसे बड़े देशों के पास मौजूद हैं, जिनमें रूस, कनाडा, ब्राजील, अमेरिका और चीन शामिल है, जबकि वन क्षेत्र का लगभग दो-तिहाई भाग 10 देशों से आता है, जिनमें कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, पेरू और भारत जैसे देशों का नाम शामिल हैं। वहीं वनों की अंधाधुंध कटाई के अलावा जंगलों में लगने वाली आग जैसी घटना भी दुनिया में पेड़ों की कुल संख्या को प्रभावित कर रही है।

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