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सेना की वह Fire and Fury कमान जिसके शौर्य को पीएम मोदी ने किया सलाम

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लेह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लद्दाख की राजधानी लेह पहुंचे और यहां पर उन्‍होंने उन सैनिकों से बात की जो लद्दाख में तैनात हैं। ये वो सैनिक हैं जो हर पल चीन से सटी लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर नजर रखते हैं। लद्दाख में चीन से सटे बॉर्डर की जिम्‍मेदारी लेह स्थित 14 कोर पर है। इस कमांड को फायर एंड फ्यूरी के नाम से भी जानते हैं। पीएम मोदी ने जब सैनिकों को संबोधित किया तो उन्‍होंने कमान का उदाहरण देते हुए उनकी वीरता को सलाम किया है।

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    'भारत मां के दुश्‍मनों ने देखी आपकी आग'

    'भारत मां के दुश्‍मनों ने देखी आपकी आग'

    15 जून को गलवान घाटी में चीन के साथ गलवान घाटी में हिंसा हुई थी उसमें 20 सैनिक शहीद हुए थे। ये सभी सैनिक लेह स्थित XIV कोर के तहत पोस्‍टेड थे। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत मां के दुश्‍मनों ने आपकी आग और प्रकोप को देखा है।' फायर का मतलब होता है आग और फ्यूरी का मतलब है प्रकोप या प्रचंडता। कई दशकों से इस कमांड के तहत आने वाले सैनिक अपनी बहादुरी का प्रदर्शन दुनिया के सामने करते आ रहे हैं। चाहे हर बार चीन की तरफ से होने वाली घुसपैठ हो या सियाचिन पर पाकिस्‍तान की बुरी नजर, यह कमान हमेशा दुश्‍मन के सामने सीना तानकर खड़ी रहती है। फायर एंड फ्यूरी कमान ही इस समय लद्दाख में एलएसी पर हो रहे निर्माण कार्यों पर नजर रख रही है।

    सन् 62 में हुई स्‍थापना

    सन् 62 में हुई स्‍थापना

    14 कोर नॉर्दन कमांड का हिस्‍सा है जिसका हेडक्‍वार्टर उधमपुर में है। इस कमान की स्‍थापना सन् 1962 में हुई थी। तब इसे नागालैंड स्थित हेडक्‍वार्टर से हटाकर तैयार किया गया था और उस समय इसे ईस्‍टर्न कमांड रिजर्व के तौर पर रखा गया था। करीब 30 साल तक ईस्‍टर्न कमांड में रहने के बाद इस कमान को सन् 1999 लद्दाख लाया गया और तब से यह सही है। शुरुआत में इस कमांड को काउंटर इनसर्जेंसी का खात्‍मा करने के मकसद से तैयार किया गया था। कारगिल की जंग के समय इस कमान ने एक अहम रोल अदा किया था।

    करगिल से लेकर सियाचिन तक की जिम्‍मेदारी

    करगिल से लेकर सियाचिन तक की जिम्‍मेदारी

    कारगिल की जंग के समय इस कमान का हेडक्‍वार्टर कुंबातांग था जो कारगिल से करीब 28 किलोमीटर दूर है। जंग के समय इसे 56वीं माउंटेन ब्रिगेड के साथ मिलाया गया जो मतायन में है। 79वीं माउंटेन ब्रिगेड आमतौर पर द्रास में है और 192वीं माउंटेन ब्रिगेड भी यहीं हैं। 14 कोर पर चीन के अलावा पाकिस्‍तान से सटी सीमा का जिम्‍मा तो है ही साथ ही सियाचिन ग्‍लेशियर पर होने वाले सै‍निकों की तैनाती हो, यह कमान अपनी हर जिम्‍मेदारी को पूरा कर रही है। सेना की यह कमान रणनीतिक तौर पर काफी महत्‍वपूर्ण है और सियाचिन में सैनिकों को होने वाली जरूरी सामान की सप्‍लाई यहीं से होती है।

    इस बार भी फायर एंड फ्यूरी का बड़ा रोल

    इस बार भी फायर एंड फ्यूरी का बड़ा रोल

    इस समय जो टकराव चीन के साथ जारी है उसमें इस कमान को बड़ा रोल है। इस कमान के मुखिया यानी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ही एलएसी पर बार-बार टकराव को टालने के लिए पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) कमांडर के साथ मीटिंग कर रहे हैं। ले. जनरल सिंह को काउंटर इनसर्जेंसी का एक्‍सपर्ट माना जाता है। 14 कोर को कमांड करने से पहले वह सेना के कई अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। 14 कोर पर आने से पहले वह डायरेक्‍टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलीजेंस, डायरेक्‍ट जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस और डायरेक्‍टर जनरल ऑफ लॉजिस्टिक्‍स एंड स्‍ट्रैटेजिक मूवमेंट को संभाल चुके हैं। उनसे पहले 14 कोर की जिम्‍मेदारी ले. जनरल वाईके जोशी पर थी जो इस समय नॉर्दन आर्मी कमांडर हैं।

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    English summary
    Know all about Leh based India Army's Fire and Fury Corps PM Modi cited its example to soldiers
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