एल राजगोपाल- 6000 लोगों को दिया था जीवन, आज की लोकतंत्र की हत्या
नई दिल्ली। लोकसभा में जैसे ही तेलंगाना बिल पेश हुआ, वैसे ही हंगामा शुरू हो गया, एक सांसद ने चाकू निकाला और बगल में बैठे सांसद के पेट में घुसाने की कोशिश की, वहीं एक ने पेपर स्प्रे यानी काली मिर्च का स्प्रे निकाला और स्पीकर मीरा कुमार पर स्प्रे करने के लिये वेल तक पहुंच गया। मिर्ची स्प्रे करने वाले सांसद का नाम है एल राज गोपाल। देश को शर्मसार करने वाले इस सांसद के बारे में कई ऐसी बातें हम आपके सामने लेकर आये हैं, जिन्हें पढ़कर आप हैरान हो जायेंगे।
क्या किया राजगोपाल ने
सदन की कार्यवाही के दौरान गुरुवार को सांसद राजगोपाल ने तेलंगाना बिल के विरोध में पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया। सदन में अफरातफरी मच गई। स्प्रे से कई सांसदों की तबियत बिगड़ गई। उन्हें अस्प्ताल ले जाने के लिये एम्बुलेंस बुलानी पड़ीं। स्पीकर मीरा कुमार तुरंत सीट छोड़कर चली गईं उन्होंने सदन को स्थगित करने का ऐलान तक नहीं किया।
एल राजगोपाल की जिंदगी का पहला क्राइम है मिर्ची से लोकतंत्र की हत्या
कई बुजुर्ग सांसदों ने आंखों में जलन की शिकायत की, कुछ को चक्कर आने लगे तो कुछ को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। तीन सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके नाम पूनम प्रभाकर, डा. विनय कुमार पांडे, बलराम नायक हैं।
राजगोपाल की सारी पढ़ाई लिखाई किनारे
राज गोपाल विजयवाड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। आप पूर्व मंत्री पर्वतानेनी उपेंद्र के दामाद हैं। राजगोपाल मैकेनिकल इंजीनियरिंग से डिग्री धारक हैं। इन्होंने आंध्र प्रदेश के प्राइवेट कॉलेज वीएस सिद्धार्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, विजयवाडा से पढ़ाई की थी। लैन्को ग्रुप में मुख्य शेयर होल्डर भी हैं।
कभी संवारते थे जिंदगियां
एल राजगोपाल को आंध्र प्रदेश के लोग ऐसे ही नहीं मानते हैं। एक समय था जब उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह विकलांगों की सेवा में लगा दिया था। राजगोपाल ने राजनीति में आने से पहले 6000 विकलांगों के आर्टीफीशियल हाथ, पैर लगवाये। उन्हें ट्राईसाइकिलें दीं और बहुत कुछ किया। आज उनकी इस पहल को उनका लैन्को इंस्टीट्यूट ऑफ जनरल ह्यूमेनिटेरियन ट्रस्ट जारी रखे हुए है।

आंध्र प्रदेश के बड़े उद्योगपति हैं
राज गोपाल आंध्रा के बड़े उद्योगपतियों में से एक माने जाते हैं। इन्होंने लैन्को ग्रुप के तहत हजारों लोगों को रोजगार दिया। देश में लोकतंत्र की हत्या करने वाले राजगोपाल राजनीति में आने से पहले समाजसेवक थे।

एक भी क्रिमिनल केस नहीं
सांसद राजगोपाल पर एक भी क्रिमिनल केस नहीं लगा है। सच पूछिए तो आज मिर्ची स्प्रे से लोकतंत्र की हत्या करना उनका पहला क्राइम है।
अपने पैसों से बनवाये मकान
राजगोपाल ने अपने पैसों से हजारों लोगों को मकान बनवाकर दिये। यही नहीं गुजरात में भूकंप पीड़ितों के लिये विशेष सहायता इन्होंने की। और तो और कार्गिल शहीदों की विधवाओं के लिये विशेष निधि इन्होंने दी।

वाईएसआर के साथ की थी पदयात्रा
राजगोपाल ने दिसंबर 2003 में वाईएसआर रेड्डी के साथ 1500 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। यह यात्रा किसानों के लिये की थी।
जनता का दर्द देख नहीं पाते हैं
राजगोपाल वो नेता हैं, जो हर हफ्ते जनता से मिलने के लिये उनके बीच में जाते हैं। उनसे जनता का दर्द देखा नहीं जाता है, यही कारण है कि लोग उन्हें बेहद प्रेम करते हैं।












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