• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

दुनिया के 99 शहरों में है 'फ्री पब्लिक ट्रांसपॉर्ट', अब दिल्‍ली भी होगी लिस्‍ट में शामिल

|

नई दिल्‍ली। देश भर में एक ओर जहां सरकारें पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस से हाथ खड़े कर सब कुछ प्राइवेट के हवाले कर रही हैं दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार कमाल कर रही है। दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए बसों और मेट्रो में फ्री राइड लागू करने जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस योजना को 2-3 महीनों में धरातल पर लाने की बात कही है। इसके बाद से ही फ्री पब्लिक ट्रांसपॉर्ट हॉट टॉपिक बन गया है। भारत में भले ही यह अपने आप में पहला फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट हो लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश और शहर भी हैं, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह फ्री है या करने तैयारी चल रही है।

सबसे ज्‍यादा यूरोप के देशों में है फ्री पब्लिक ट्रांसपॉर्ट

सबसे ज्‍यादा यूरोप के देशों में है फ्री पब्लिक ट्रांसपॉर्ट

ज्‍यादातर विकसित देशों के शहरों में ही फ्री पब्लिक ट्रांसपॉर्ट है। इसके पीछे उन देशों का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को बचाना है। अब विकासशील देश में इसमें शामिल हो गए हैं। 2017 में हुए एक स्टडी के मुताबिक दुनियाभर में करीब 99 ऐसे शहर हैं जहां पब्लिक ट्रांसपॉर्ट को फ्री कर दिया गया है। इन शहरों में सबसे ज्यादा 57 यूरोप से हैं। उसके बाद नॉर्थ अमेरिका का नंबर आता है जहां 27 शहरों में पब्लिक ट्रांसपॉर्ट को फ्री कर दिया गया है। साउथ अमेरिका में 11 ऐसे शहर हैं और चीन की 3 शहरों में यह फ्री राइड का सिस्टम लागू है।

जर्मनी कर रही है तैयारी

जर्मनी कर रही है तैयारी

जर्मनी की सरकार सबसे प्रदूषित शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मुफ्त करने की योजना बना रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपना वाहन छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करें। इस योजना के लिए जर्मनी के सबसे प्रदूषित शहर बॉन, एसेन, रॉटलिंगन, मैनहेम और हेरनबर्ग को चुना गया है। बढ़ते वायु प्रदूषण से जूझ रहे जर्मनी पर यूरोपियन यूनियन का जबरदस्त दबाव है। ईयू ने बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर जर्मनी पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।

सिर्फ सरकार ही नहीं करती है फंडिंग

सिर्फ सरकार ही नहीं करती है फंडिंग

ख्याल रखने की बात है कि जिन शहरों या कस्बों में ये सेवाएं मुफ्त मिल रही हैं, वहां जरूरी नहीं कि इसकी फंडिंग सिर्फ सरकार या स्थानीय निकाय ही कर रहे हों। कुछ जगहों पर सिटी सेंटर के मॉल भी इसमें योगदान देते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा खरीदार उन तक पहुंच सकें। कुछ जगहों पर गरीब और कम वेतन वाले मजदूरों के प्रोत्साहन के तौर पर निजी कंपनियां भी सरकारी मुहिम में योगदान देती हैं। अमेरिका में वर्षों पहले कई शहरों ने इसकी पहल की, लेकिन इसके नफे-नुकसान का जायजा लेकर कदम पीछे खींच लिए।

Read Also- कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस: 10 जून को आएगा फैसला, जानिए पूरा घटनाक्रम

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Know about these 99 cities who providing free transportation service to people.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more