सियासत का नया दांव "भारत माता की जय"
"भारत माता की जय"....दरअसल बीते कुछ दिनों पहले सियासतदां की ओर से इस बात को मुद्दा बना दिया गया। सवाल उठा दिया गया कि आखिर क्यों बोलें भारत माता की जय। ये प्रश्न बाया सियासत से होते हुए आज भारत के उन सवा सौ करोड़ लोगों के बीच जा पहुंचा है, जो आज भी अपनी नागरिकता के आगे भारतीय लिखते हैं, जो विभिन्न आयोजनों में अपने भारत को मजबूती से पेश करते हैं।
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पर, कुछ लोगों को इस सियासी मंसूबे ने गफलत की स्थिति में भी डाल दिया है। पर, आज भी उस गफलत से सीमाओं पर डटे हुए वो तमाम भारत मां के लाल जो हंसते-हंसते अपनी भारत मां की खातिर कुर्बान हो जाते हैं।
बहरहाल देश में यह विवाद एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन औवेसी के उस बयान के बाद पैदा हुआ था, जब उन्होंने कहा था कि वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे। हालांकि इस बयान पर कई नामी लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं हैं। आईये जानते हैं किसने क्या कहा।
''भारत माता की जय'' बोलने की खातिर बने ''कानून''
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, 'हालांकि, संविधान में नहीं लिखा है कि हर किसी भारत माता की जय बोलनी चाहिए। लेकिन इसे बोलने में किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। इसलिए संविधान में संशोधन करके एक कानून लाया जाए ताकि हर कोई भारत माता की जय बोले।
मीडिया से बात करते हुए साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मेरी प्रार्थना है कि पूरे देश में गौ हत्या पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए। मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी की तरफ से पॉजिटिव रिसपॉन्स मिलेगा। मुझे भरोसा है कि पूरे देश में बैन लग जाने के बाद समुदायों में सौहार्द की भावना बढ़ेगी और सांप्रदायिक हिंसा कम होगी।
जावेद अख्तर ने भी ओवैसी पर बोला था हमला
बीते दिनों राज्यसभा में जावेद अख्तर ने भारत माता की जय के नारे लगाकर एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का करारा जवाब दिया। जिसमें उन्होंने संविधान का हवाला देकर भारत माता की जय नहीं कहने की बात कही थी। जावेद अख्तर ने कहा कि अगर संविधान भारत माता की जय कहने के लिए कहता तो टोपी और शेरवानी पहनने को भी नहीं कहता।
आडवाणी ने कहा व्यर्थ का विवाद है
देशभक्ति और 'भारत माता की जय' पर जोरदार बहस के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि इस नारे पर विवाद व्यर्थ है.।आडवाणी ने गांधीनगर में एक कार्यक्रम से इतर कहा, "मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह एक व्यर्थ विवाद है।"
सिख नहीं लगा सकते भारत माता की जय का नारा
कट्टर सिख नेता सिमरनजीत सिंह मान ने कहा है कि सिख भारत माता की जय के नारे नहीं लगा सकते। क्योंकि सिख किसी भी रूप में महिला की पूजा नहीं करते।
सिमरनजीत सिंह ने मंगलवार को भटिंडा सेंट्रल जेल में अपनी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के दो नेताओं से मुलाकात के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने कहा,' भाजपा के अनुसार जो भारत मात की जय नहीं कहता वह देशभक्त नहीं है। उस पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है। सिखों को वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह कहना चाहिए।
सिमरनजीत सिंह मान को मिला तगड़ा जवाब
सिख कौम को 'भारत माता की जय' बोलने से मना करने वाले शिरोमणी अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान को तेजिंद्र पाल सिंह बग्गा ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट करते तेजिंद्र सिंह ने लिखा कि सिख कौम को 'भारत माता की जय' कहने से रोकने वाले सिमरनजीत सिंह मान को सिख धर्म के बारे में कुछ पता नहीं है।
उन्होंने सिमरनजीत सिंह मान को श्री गुरु नानक देव जी के लिखे शब्द याद दिलाते कहा यदि गुरु साहिबान ने अपनी वाणी में धरती को माता कहा है तो फिर सिमनरजीत सिंह मान कौन होते हैं 'भारत माता की जय' कहने से सिख कौम को रोकने वाले।
अपने देश की जय बोलने को सियासी बवंडर का रूप देने की कोशिशें कहीं न कहीं भारत को भारत के भीतर ही दफन करने की ओर इशारा कर रही हैं। हां, तय हमें करना है कि हम जिस धरती में पले, बढ़े और जिसने हमें नाम, पहचान दी हम उसकी जय की आवाज को क्या महज चंद सियासतदानों की बरगलाने वाली भावनाओं में फंसकर बदल दें। सोचिएगा कभी सियासतदानों को, उनके बयानों को। कत्ल-ए-आम की सारी वजहों को। शायद कुछ परख सकें।












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