मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, कांग्रेस के 'न्याय पत्र' पर बात करने के लिए मांगा समय
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर पीएम मोदी ने तंज पर पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार किया। उन्होंने बीजेपी पर विभाजनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र भारत के सभा वर्गों के विकास लिए है। कांग्रेस प्रमुख ने अपनी पार्टी के घोषणा पत्र को लेकर पीएम मोदी के कटाक्ष के बाद उनसे मिलकर पार्टी का स्टैंड क्लियर करने के लिए समय मांगा है।
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की विचारधारा को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन या बौद्ध किसी में भेदभाव नहीं करती। पार्टी भारत के संविधान के अनुरूप धर्मनिर्पेक्ष रूप से कार्य करती है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को लेकर पीएम मोदी हाल की चुनावी रैलियों में जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कांग्रेस के 'न्याय पत्र' में मुस्लिम लीग की छाप बताई और 'संपत्ति के पुनर्वितरण' की साजिश रचने का आरोप लगाया। ऐसे में अब खड़गे ने पलटवार किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सूट बूट वाली सरकार भारत के उस वर्ग की उपेक्षा कर रही है, जो हाशिए पर है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को लेकर उन्होंने कहा कि 'न्याय पत्र' का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और सभी जातियों और समुदायों के हाशिए पर रहने वाले लोगों को न्याय प्रदान करना है।
'आईए आमने सामने करें बात'
न्याय पत्र पर पीएम मोदी के बयान को लेकर उन्होंने कहा, "आपके सलाहकार आपको उन चीजों के बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं जो हमारे घोषणापत्र में भी नहीं लिखी गई हैं। हमारे 'न्याय पत्र' को समझाने के लिए आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर मुझे बहुत खुशी होगी, ताकि देश के प्रधानमंत्री के रूप में आप कोई भी गलत बयान न दें।"
उन्होंने कहा, "हमारा घोषणापत्र भारत के लोगों के लिए है - चाहे वे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन या बौद्ध हों। मुझे लगता है कि आप अभी भी आजादी से पहले के अपने सहयोगियों मुस्लिम लीग और औपनिवेशिक आकाओं को नहीं भूले हैं।"












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