देखें: अंतरिम रेल बजट की प्रमुख बातें

- कारोबारी वर्ष 2014-15 के प्रथम चार महीने के लिए खर्च का प्रावधान
- रेल सेवा को देश के आंतरिक हिस्से और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रावधान
- वैष्णो देवी मंदिर के लिए जम्मू एवं कश्मीर के कटरा तक रेल सेवा शुरू करने का प्रावधान
- जम्मू एवं कश्मीर में 11.2 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण।
उपलब्धियां
- कश्मीर की राष्ट्रीय परियोजना में हासिल की गई बड़ी उपलब्धि
- इस वित्त वर्ष में मेघालय राज्य और अरूणाचल प्रदेश की राजधानी रेलवे मानचित्र में शामिल करना
- असम में सामरिक महत्व की 510 कि.मी. लंबी रंगिया-मुरकोंगसेलेक लाइन का आसान परिवर्तन इस वित्त वर्ष में पूरा करना
- नई लाइन (2,207 कि.मी.), दोहरीकरण (2,758 कि.मी.) और विद्युतीकरण (4,556 कि.मी.), डीजल (64,875) के लिए ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में रखे गए लक्ष्यों को पार कर लिया है।
- पूर्वऔर पश्चिम मार्गों पर डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर - सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लाइनों की क्षमता बढ़ाना
- छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के कारण एक लाख करोड़ रूपये के अतिरिक्त भार को रेलवे ने अपने संसाधनों से पूरा किया
- 2013-14 के दौरान, नई लाइनों, आसान परिवर्तन और दोहरीकरण के 1,532 कि.मी. पर यातायात चालू किया गया
- नए कारखानों - रेल पहिया कारखाना, छपरा, रेल कोच फैक्टरी, राय बरेली और डीजल कलपुर्जा कारखाना, दानकुनी में उत्पादन शुरू करना
- कश्मीर के प्रतिकूल मौसम के दौरान यात्रा के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सवारी डिब्बे
- अधिक भार उठाने वाले जंगरोधी हल्के 100 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार वाले मालडिब्बों का सफलतापूर्वक निर्माण करना
- राष्ट्रीय खेलकूद आयोजनों में रेलवे खिलाडियों ने 23 स्पर्धाओं में खिताब जीते और 9 स्पर्धाओं में उप-विजेता रहे। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिपों में 2 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कास्य पदक जीते।
- 1992 में शुरू की गई एक आसान नीति के अंतर्गत 19,214 कि.मी. लाइनों को बड़ी लाइन में आसान परिवर्तन किया जिससे गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक उत्तर प्रदेश, असम और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों को लाभ हुआ।
संरक्षा और सुरक्षा में सुधार के लिए उपाय
_ मानव रहित कोई समपार मौजूद नहीं। कुल 5,400 मानव रहित समपार समाप्त किए गए - ऊपरी या निचले सडक पुलों का निर्माण करके 2,310 समपारों पर चौकीदार तैनात किए गए और 3,090 समपारों को बंद/ विलय किया गया।
- गाड़ी के आगमन के बारे में सड़क उपयोगकर्ताओं को अग्रिम में बेहतर श्रव्य दृष्य चेतावनी।
- देश में विकसित गाड़ी टक्कर रोधी प्रणाली की शुरूआत
- ‘क्रैशवर्दी' सवारी डिब्बों का विकास
- गत पांच वर्ष में, ग्रुप सी कोटियों में एक लाख से अधिक और पूर्ववर्ती ग्रुप डी कोटियों में 1.6 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करना
- सभी रेलइंजनों में सतर्कता नियंत्रण उपकरण की व्यवस्था
- गाडि़यों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न उपाय
- अग्नि रोधी सामग्रियों का उपयोग
- इलैक्ट्रिक सर्किट के लिए मल्टी - टियर सुरक्षा
- सभी डिब्बों में पोर्टेबली अग्निशामक
- पेन्ट्री कारों में एलपीजी के स्थान पर इन्डक्शन आधारित कुकिंग
- अति ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्रियों की गहन रूप से जांच
वित्तीय स्थिति
- विभिन्न परियोजनाओं के लिए कर्नाटक, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश तथा हरियाणा राज्यों के साथ लागत में भागीदारी की व्यवस्था द्वारा रेलवे अवसंरचना पर सहमति
- कई सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाएं विचाराधीन हैं
- विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना के निर्माण का वित्तपोषण करने के लिए एफडीआई का सहारा लिया जा रहा है
- रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा अभी तक 937 करोड़ रूपए जुटाए गए हैं
आधुनिकीकरण एवं प्रौद्योगिकी की शुरूआत
- उच्च गति वाली गाडिया
- मुंबई- अहमदाबाद कोरीडोर के लिए भारत तथा जापान द्वारा संयुक्त रूप से व्यवहार्यता अध्ययन जिसका वित्तपोषण जापान इंटरनेशनल कॉर्पोंरेशन एजेंसी के सहयोग से किया जाना है
- मुंबई- अहमदाबाद कोरीडोर के लिए एसएनसीएफ द्वारा बिजनेस डवलेपमेंट स्टडी
- सेमी हाई स्पीड परियोजनाएं
- चुनिंदा मार्गों पर 160-200 कि.मी. प्रति घंटा की रफ्तार के लिए कम लागत वाले विकल्प की खोज।












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