• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Kerala Chunav Results: LDF के पिनराई विजयन की महाविजय, केरल में अब तक नहीं हुआ ऐसा

|

तिरुवनंतपुरम, 2 मई: केरल विधानसभा चुनाव चुनाव में 1980 से हर पांच साल बाद सरकार बदलने का इतिहास रहा है। लेकिन, सीपीएम नेता और एलडीएफ के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नया इतिहास रच डाला है। केरल में चार दशक बाद ऐसा हो रहा है, जब वहां सत्ताधारी दल ही चुनावों के बाद फिर से सत्ता में वापसी कर रही है और यह मुमकिन किया है मुख्यमंत्री विजयन ने। केरल की राजनीति की इस परंपरा पर चर्चा करें, उससे पहले केरल में मतगणना के ताजा रुझान पर नजर डाल लेते हैं। वहां एलडीएफ को 140 में से 95 से ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं। पिछली बार से वह अपनी सीटों में 6 का इजाफा करता दिख रहा है। जबकि, 40 साल की परंपरा पर उम्मीद लगाए बैठे कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ को बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी है और उसे सिर्फ 40 से कुछ ही ज्यादा सीटें ही मिलती दिखाई पड़ रही हैं।

    Kerala Election Results 2021: रुझानों में LDF को भारी बढ़त, UDF का सपना हुआ चकनाचूर | वनइंडिया हिंदी

    Kerala Vidhan Sabha Chunav Results:Huge win of Pinarayi Vijayan of LDF, this has not happened yet in Kerala

    केरल में चार दशक का टूटा रिकॉर्ड
    1980 के बाद से केरल में सत्ता पर काबिज किसी भी दल को चुनाव के बाद दोबारा सत्ता में बैठने का मौका नहीं मिला है। केरल में अबतक हर पांच साल बाद लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच सत्ता का परिवर्तन हुआ है। एलडीएफ की अगुवाई सीपीएम करती है और यूडीएफ की अगुवा कांग्रेस है। लेकिन, इसबार यह परंपरा टूट गई है। सीपीएम के पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने केरल में एलडीएफ की बड़ी जीत पर कहा है, 'यह बहुत ही महत्वपूर्ण जीत है, क्योंकि पिछले 40 साल में कोई भी सरकार दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव जीत कर नहीं लौटी है। इससे पता चलता है कि केरल के लोगों ने पिनराई विजयन सरकार के प्रदर्शन की सराहना की है...जिसने बाढ़ के हालातों को अच्छे से हैंडल किया है, कोविड के लिए और जनहित वाले विकास के काम किए हैं।'

    2019 के लोकसभा चुनाव में एलडीएफ को लगा था झटका
    अगर 2019 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले देखें तो केरल की तस्वीर इसबार पूरी तरह से पलट चुकी है। आम चुनाव में एलडीएफ को भारी नुकसान हुआ था और यूडीएफ ने जबर्दस्त जीत दर्ज की थी। लेकिन, माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व ने दो साल में ही इस दक्षिणी राज्य की राजनीति की धारा बदल दी है। सीपीएम ने लगातार दो बार विधायक रह चुके नेताओं का टिकट काट दिया और इस तरह से वह विधायकों के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी की धार कुंद करने में सफल हो गई। पार्टी ने नए चेहरों पर खुलकर दांव लगाया और उसकी रणनीति कारगर हो गई।

    इसे भी पढ़ें- एलडीएफ की सत्ता में वापसी के आसार, रुझानों में यूडीएफ का सपना चकनाचूरइसे भी पढ़ें- एलडीएफ की सत्ता में वापसी के आसार, रुझानों में यूडीएफ का सपना चकनाचूर


    इसके अलावा सीएम पी विजयन ने आम जनता के बीच अपनी छवि गरीबों के मसीहा के रूप में भी बनाई है और उनकी कल्याणकारी योजनाओं का लोगों को लाभ भी मिला है। ये सभी कारण रहे हैं कि केरल का राजनीतिक इतिहास 40 साल बदल रहा है और सत्ता में वापसी के कांग्रेस का सपना हवा-हवाई हो चुका है। जबकि, एलडीएफ सरकार हाल के कुछ समय में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से भी घिरी रही है।

    English summary
    Kerala Vidhan Sabha Chunav Results:LDF created history under Pinarayi Vijayan leadership, no one got such victory in 40 years
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X