ड्रोन हमले के बढ़ते खतरे को देखते हुए केरल सरकार का बड़ा फैसला, बनाएगी स्पेशल लैब
तिरुवनंतपुरम, 2 जुलाई: हाल ही में भारतीय वायु सेना के जम्मू एयरबेस पर ड्रोन से हमला हुआ है। बीते तीन-चार दिन में कई बार यहां ड्रोन देखे गए हैं, जिसके भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। आर्मी के सीनियर अफसरों ने माना है कि ड्रोन को रोकना एक चुनौती है। इसके बीच केरल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केरल सरकार ने ड्रोन के खतरे को कैसे कम किया जाए, इस पर रिसर्च के लिए कई लैब शुरू करने का फैसला लिया है।

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केरल के डीजीपी अनिल कांत ने शुक्रवार को कहा कि ड्रोन एक और उभरता हुआ खतरा है। ये शहरों के लिए बहुत गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसके चलते हमने इस पर ध्यान दिया है। हम एक ड्रोन रिसर्च लैब और ड्रोन फोरेंसिक लैब शुरू कर रहे हैं। हम एंटी ड्रोन सिस्टम विकसित करने की भी योजना बना रहे हैं।
रविवार (27 जून) को जम्मू में इंडियन एयरफोर्स के बेस दो ड्रोन के जरिए हमला किया गया था। इस विस्फोट में किसी विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ था लेकिन 2 सुरक्षाकर्मियों को मामूली चोटें आई थी। इस हमले के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। एयरबेस पर ड्रोन से किए गए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक मुश्किल खड़ी कर दी है। ये अपनी तरह की पहली घटना है, जिसमें ड्रोन पर विस्फोटक लगाकर हमला किया गया।
इस हमले को लेकर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे कहा है कि ड्रोन की आसानी से उपलब्धता ने निश्चित रूप से जटिलता और चुनौतियों को बढ़ा दिया है। नरवणे ने कहा है कि सेना इस तरह के ड्रोन हमले के खतरों से निपटने के लिए हम गतिज और गैर-गतिज दोनों क्षेत्रों में ड्रोन खतरों से निपटने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।












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