केरल: सीएम की बेटी वीणा से शादी करने वाले मोहम्मद रियाज को मिला टिकट, पार्टी में बगावती सुर

तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के दामाद पी. ए. मोहम्मद रियाज को कोझिकोड जिले की बेपोरे सीट से सीपीएम का उम्मीदवार बनाया गया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के अदाम मुंशी से है। 2016 के चुनाव में बेपोरे से सीपीएम के वीकेसी मम्मद कोया ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार उनका टिकट काट दिया गया है। मम्मद कोया ने 2016 और 2001 में यहां से विधायक चुने गये थे। लेकिन इस बार सीपीआइ ने दो टर्म विधायक रहने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने का नियम लागू किया है। इस लिहाज से मुख्यमंत्री के दामाद मोहम्मद रियाज को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिल गया। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि दो बार विधायक रहने वालों को टिकट नहीं देने का फैसला सीपीआइ के लिए आत्मघाती हो सकता है। इस नियम के कारण सीपीआइ के 25 विधायकों के टिकट कट गये हैं। माना जा रहा है कि इन 25 में से 15 सीटों पर अब कांग्रेस को फायदा मिल सकता है।

कौन हैं मोहम्मद रियाज ?
पी. ए. मोहम्मद रियाज सीपीएम की युवा इकाई डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। 2009 में सीपीएम ने उन्हें कोझिकोड से उम्मीदवार बनाया था लेकिन वे कांग्रेस के एम के राघवन से हार गये थे। उस समय जब 34 साल के रियाज को लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया था तब इसे चौंकाने वाला फैसला माना गया था। पिछले साल ही वे मुख्यमंत्री के दामाद बने हैं। कोरोना काल के दौरान जून 2020 में जब रियाज की शादी मुख्यमंत्री पी विजयन के बेटी वीणा से हुई थी तब इसकी खूब चर्चा हुई थी। हिंदू-मुस्लिम इस विवाह को लेकर तब राजनीति भी हुई थी। ये शादी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में हुई थी। भाजपा ने तब आरोप लगाया था कि इस शादी में मोहम्मद हाशिम भी शामिल हुआ जो आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या का दोषी था। वह सात साल की सजा काट रहा था और पेरोल पर छूटा था। 24 साल पहले आरएसएस कार्यकर्ता सुरेश बाबू की हत्या हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने 2017 में हाशिम को दोषी करार दिया था।

वीणा और रियाज की चर्चित शादी
जब मोहम्मद रियाज और वीणा की शादी हुई ती तब सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ बहुत कुछ लिख गया था। हिंदू-मुस्लिम की शादी पर सवाल उठाया गया था। लेकिन सीपीआइ ने इसे दो बालिग लोगों का स्वेच्छा से लिया फैसला बताया था। रियाज और वीणा पांच साल से तलकाशुदा थे। दोनों बाल-बच्चेदार भी थे। वीणा आइटी प्रोफेशनल हैं और खुद की कंपनी चला रही हैं। उनकी पहली शादी सुनीश से हुई थी जो एक वकील थे। इस शादी से उनका एक बेटा है इशान। रियाज के पिता अब्दुल खादेर आइपीएस अधिकारी रहे हैं। रियाज की पहली शादी कालीकट की समीहा सैथालवी से हुई थी। इस शादी से रियाज को दो बच्चे हैं। सीपीआइ का युवा नेता होने की वजह से रियाज अक्सर विजयन से मिलने आते थे। इस दौरान उनका परिचय वीणा से हुआ। फिर दोनों ने शादी कर ली।

टिकट बंटवारे पर सीपीएम में विद्रोह
पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि मुख्यमंत्री पी विजयन के दामाद को बेपोरे से सीपीएम का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। मार्च के पहले हफ्ते में उनका नाम कोझिकोड जिला समिति की सूची में शामिल किया गया था। रियाज बीफ फेस्ट और सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर केरल में चर्चित रहे हैं। लेकिन यहां से सीटिंग विधायक मम्मद कोया का टिकट कटने से स्थानीय सीपीएम कैडरों में खामोशी है। 25 विधायकों, जिनमें पांच मंत्री भी हैं, के टिकट कटने से पार्टी में बगावत की आग भड़क गयी है। कोझिकोड जिले के कुट्टीयाडी और मलाप्पुरम जिले के पोन्नानी में सीपीएम के नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया है। उन्होंने पार्टी से 'दो टर्म विधायक' वाले नियम को वापस लेने की मांग की है। 25 में से अधिकांश नये चेहरे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को मंजूर नहीं हैं। इनमें कुछ सीटें नयी साझीदार केरला कांग्रेस (मणि) को दी गयी हैं। इससे भी नाराजगी है। पुन्नानी की लोकल कमेटी के सदस्यों ने तो विरोध में इस्तीफा भी दे दिया है। इसी तरह कन्नूर जिले में पार्टी कार्यकर्ता टिकट वितरण को लेकर विरोध जता रहे हैं। सीपीएम को कैडर आधारित अनुशासित पार्टी माना जाता है। नेता और कार्यकर्ता को पार्टी का फैसला सहज स्वीकार करना पड़ता है। लेकिन अब टिकट को लेकर सत्तारुढ़ सीपीएम में भी बगावत हो गयी है।












Click it and Unblock the Notifications