दिल्ली वालों तक कब पहुंचेगा केजरीवाल का फ्री राशन, कोविड संकट में कैसे जले गरीबों का चूल्हा?
नई दिल्ली, 2 जून। अप्रैल में कोरोना वायरस के मामले जब अचानक से बढ़ने लगे थे तब दिल्ली पहला राज्य था जहां पर लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक के बाद 19 अप्रैल को लॉकडाउन लगाया था। आरंभ में एक हफ्ते के लिए लगाया गया लॉकडाउन बढ़ते-बढ़ते अभी तक जारी है। हालांकि इसमें एक जून से ढील दी गई है लेकिन फिर भी अधिकांश चीजें बंद हैं। लंबे लॉकडाउन के बाद दिल्ली में गरीब वर्ग के लोगों के लिए अब राशन जुटाना मुश्किल हो गया है। दिल्ली सरकार ने गरीबों के लिए मुफ्त राशन देने की बात कही थी लेकिन अभी तक यह लोगों को नहीं मिला है। ऐसे में दिहाड़ी मजदूर और गरीब तबके लिए खाने का संकट खड़ा हो गया है।

सीएम का कार्यक्षेत्र रहे इलाके के लोग भी परेशान
द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 4 मई 2021 को कहा था कि सरकार सभी राशन कार्ड धारकों को मई और जून में खाद्यान्न वितरित करेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा को चार सप्ताह हो चुके हैं लेकिन अभी तक कई लोगों को राशन नहीं मिल पाया है। ऐसे में लॉकडाउन के चलते लोगों के घर में चूल्हा जल पाना भी मुश्किल हो रहा है।
इनमें दिल्ली का वह सुंदरी नगरी इलाका भी शामिल है जहां कभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक्टिविस्ट के तौर पर काम किया करते थे और तब उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खिलाफ शिकायतों पर सरकार का ध्यान खींचा था। आज केजरीवाल के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद भी सुंदर नगरी के लोगों को पीडीएस की पीड़ा झेलनी पड़ रही है।

बिना राशन कार्ड वालों की हालत और मुश्किल
दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे गरीब भी हैं जिनके पास राशन कार्ड भी नहीं है। इनके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 18 मई को कहा था कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी राशन दिया जाएगा और यह 3-4 में शुरू हो जाएगा।
दिल्ली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कमी का मुद्दा उठाने वाले एक एनजीओ ने पिछले सप्ताह सीएम केजरीवाल को एक पत्र लिखा था। जिसमें इस बात की ओर ध्यान दिलाया गया था कि दिल्ली सरकार की घोषणा और सुप्रीम कोर्ट के इसी आशय से दिए गए आदेश के बावजूद बिना राशन कार्ड वाले लोगों को अनाज अभी तक मिला है।

मदद के सहारे हैं गरीब
अनाज न मिलने के चलते गरीबों के पास अब बस यही विकल्प रह गया है कि वह भोजन के लिए दान पर निर्भर रहें या फिर पेट भरने के लिए भीख मांगने पर मजबूर हों। दिल्ली में ऐसे कई परिवार हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और उनके कमाऊ सदस्य की कोविड से मौत हो गई है या फिर नौकरी चली गई है। ऐसे ही 7 परिवारों ने पिछले सप्ताह हाईकोर्ट में मदद के लिए गुहार लगाई है।
दिल्ली सरकार की वेबसाइट के मुताबिक बिना राशन कार्ड वालों के लिए जल्द ही खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस सेवा का लाभ लेने के लिए पहचान के रूप में केवल आधार कार्ड देने की जरूरत होगी। लेकिन इस वर्ग के लोगों का राशन मिलने का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications