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करप्शन फ्री सरकार के दावे में बुरी तरफ फेल रहे केजरीवाल, जानिए दावों की हकीकत!

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बेंगलुरू। देश में एक नई तरह की राजनीति का वादा करके दिल्ली की सत्ता पर सवार हुए आम आदमी पार्टी वर्तमान में उसी कीचड़ में पड़ी बजबजा रही है, जिससे देश को निकालने का वादा कभी आप संयोजक अरविंद केजरीवाल किया था। समाजसेवी अन्ना हजारे आंदोलन से सत्ता के गलियारे तक पहुंचे केजरीवाल भ्रष्टाचार मुक्त की राजनीति छोड़कर मुफ्त की राजनीति में जुट गए।

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यही नहीं, दिल्ली की सत्ता में दूसरी बार काबिज होते ही आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 10 बहाने करके वादों से दूर नहीं छिटक गई है बल्कि अब उन्हीं लोगों के साथ गलबहियां कर ली, जिन्हें आधार बनाकर केजरीवाल ने दिल्ली और देश की जनता को भ्रमित करके उम्मीद की एक लौ जगाई थी।

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दिल्ली विधानसभा 2020 में नवनिर्वाचित आम आदमी पार्टी के कुल 62 विधायकों की पड़ताल करेंगे तो इसके सबूत मिल जाएंगे। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के आधे से अधिक विधायकों पर गंभीर किस्म के आपराधिक मामलों के आरोपी है।

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गंभीर अपराधों में वांछित ऐसे 31 आप विधायकों में से किसी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है, तो किसी पर दुष्कर्म का केस दर्ज है। याद कीजिए, केजरीवाल के बतौर राजनीतिक उत्थान जरिया क्या बना था। कौन इनकार करेगा कि केजरीवाल एंड पार्टी दिल्ली में गैंगरेप से पीड़ित निर्भया के दोषियों को सजा दिलाने के खिलाफ उठे देश व्यापी आंदोलन की उपज हैं।

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दिलचस्प बात यह है कि 16 दिसंबर, 2012 को गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने के बहाने राजनीति में उतरे केजरीवाल एंड पार्टी वर्तमान में तीसरी टर्म की ओर बढ़ चली है, लेकिन निर्भया और उसके परिवार को अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। आरोप है कि केजरीवाल सरकार के अधीन जेल मैनुअल में बदलाव के चलते निर्भया के दोषी जेल में मजा काट रहे हैं।

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वर्ष 2018 में केजरीवाल सरकार द्वारा जेल मैनुअल में किया गया संशोधन ही वह कड़ी है, जिसकी मदद से निर्भया के चारो आरोपी लगातार दो डेथ वारंट को कैंसिल करवाने में सफल रहे हैं। संभव है कि 3 मार्च को जारी हुआ तीसरा डेथ वारंट भी इसकी भेंट चढ़ जाए।

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आम आदमी पार्टी के चुने गए आधे से अधिक विधायकों का कच्चा चिट्ठा का खुलासा चुनावी हलफनामे में खुद विधायकों द्वारा दी गई जानकारी से हुआ है। गैर सरकारी संस्था एशोसियशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चुने गए कुल 43 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, जिनमें से 37 पर गंभीर किस्म के मुकदमे चल रहे हैं।

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चौंकाऊ बात यह है कि पिछली विधानसभा में महज 24 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि आम आदमी पार्टी के 45 विधायकों द्वारा एक करोड़ से अधिक की संपत्ति को घोषणा की गई है जबकि इस श्रेणी में बीजेपी के महज सात विधायक हैं।

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भ्रष्टाचार मुक्त और अपराध मुक्त राजनीति का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी की सच्चाई से पर्दा अब उठ चुका है, क्योंकि चुने गए आधे से अधिक क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले AAP विधायक और 45 से अधिक करोड़ पति AAP विधायकों की संख्या बतलाती है कि क्रांति करने को उठे आम आदमी पार्टी का मुद्दा अब करप्शन और ईमानदार राजनीति क्यों नहीं है।

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एडीआर रिपोर्ट की मानें तो मुंडका से विधायक चुने आम आदमी पार्टी नेता धरमपाल लाकरा दिल्ली के सबसे अमीर विधायक हैं, जिन्होंने हलफनामें में अपनी संपत्ति 292 करोड़ रुपए घोषित की है। दूसरे नंबर पर भी AAP पार्टी का विधायक है। आरके पुरम से चुनी गई आप विधायक प्रमिला टोकस ने 80 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है।

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गौतरलब है 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके नेताओं में तीन शीर्ष करोड़पति विधायक आम आदमी पार्टी के हैं। पहला, मुंडका से निर्वाचित हुए धर्मपाल लाकड़ा हैं, जिनके सबसे धनी हैं, जिनके पास करीब 292 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

दूसरे नंबर और तीसरे धनकुबेर AAP विधायक प्रमिला टोकस और रामसिंह नेताजी हैं, जिनके पास 80-80 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। उक्त आंकड़े आधिकारिक है, वास्तविक आकंड़े क्या होंगे, इसकी कल्पना की जा सकती है। केजरीवाल एंड पार्टी के इरादों और दावों में यही फर्क आम आदमी पार्टी की असली हकीकत है।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में आम आदमी पार्टी उम्मीदवारों में करोड़पति विधायकों का औसत 73 फीसदी था। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवार इसमें पीछे नहीं है, जिनका औसत क्रमश: 83 फीसदी और 70 फीसदी रहा है। आम आदमी पार्टी के करोड़पति विधायकों के औसत में पिछली विधानसभा की तुलना में 10 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो पिछले चुनाव में घोषित कुल उम्मीदावारों का 63 फीसदी था। वहीं बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों का औसत क्रमशः 84 और 72 फीसदी था।

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इसी तरह क्रिमनल बैकग्राउंड वाले आम आदमी पार्टी विधायकों का औसत इस बार 60 फीसदी है। आम आदमी पार्टी के 70 में से 42 यानी 60 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 36 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हैं। ठीक इसी तरह भाजपा के 67 में से 26 पर उम्मीदवार आपराधिक मामलों और 17 पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के 66 में से 18 उम्मीदवार आपराधिक और 13 उम्मीदवार गंभीर मामलों में आरोपी हैं।

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उक्त आंकड़े बतलाते हैं कि केजरीवाल एंड पार्टी का दावा पूरी तरह से सियासी था और सत्ता हासिल होते ही दावे और इरादों का हश्र देखकर पारंपरिक नेताओं को भी कान खुजाने के लिए मजबूर कर दिया है, जिन्हें गाली देकर केजरीवाल एंड पार्टी क्रांति करने निकली थी। केजरीवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ दिखाए 370 पेजों वाले सबूत ऐसे गायब हो गए जैसे गधे के सिर से सींघ।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और दिंवगत बीजेपी नेता अरुण जेटली की दामन पर कीचड़ उछालकर राजनीति चमकाने दिल्ली आए केजरीवाल ने बेशर्मी से अपने लगाए आरोपों से कन्नी काटते हुए माफीनामा तक लिख आए, लेकिन मुफ्त की मारी दिल्ली की जनता ने एक बार फिर केजरीवाल एंड पार्टी को मौका दे दिया है।

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आप विधायक धरमपाल लाकरा 292 करोड़ के साथ सबसे अमीर निकले

आप विधायक धरमपाल लाकरा 292 करोड़ के साथ सबसे अमीर निकले

मुंडका निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए आम आदमी पार्टी के धरमपाल लाकरा दिल्ली के सबसे अमीर विधायक हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति 292 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई है। इस सूची में दूसरे नंबर पर आरकेपुरम की विधायक प्रमिला टोकस हैं, जिनके पास 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। उनके बाद पटेल नगर के राजकुमार आनंद 78 करोड़ रुपये के साथ तीसरे सबसे अमीर विधायक हैं। वहीं मंगोलपुरी की आप विधायक राखी बिड़ला ने सबसे कम 76,000 रुपये की संपत्ति की घोषणा की है। विधायकों की औसत संपत्ति 2015 में 6.29 करोड़ से बढ़कर 2020 में 14.29 करोड़ हो गई है।

ADR रिपोर्ट के मुताबिक 672 में से 133 उम्मीदवार पर हैं आपराधिक केस

ADR रिपोर्ट के मुताबिक 672 में से 133 उम्मीदवार पर हैं आपराधिक केस

वर्ष 2015 के चुनाव में कुल 673 उम्मीदवार थे, जिनमें से 114 (17 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मुकदमे की पुष्टि की थी। 2020 चुनाव में 104 यानी 15 फीसदी उम्मीदवार गंभीर मामलों में आरोपी हैं, पिछले चुनाव में इनकी संख्या 74 (11 फीसदी) थी। गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी उम्मीदवारों के आरोप अगर कोर्ट में साबित हुए तो उन्हें पांच साल या उससे अधिक सजा मिल सकते हैं। उनके अपराधों में गैर जमानती अपराध, चुनाव से संबंधित अपराध, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, हमला, हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, भ्रष्टाचार और महिलाओं पर अत्याचार से जुड़े मामले शामिल हैं।

32 उम्मीदवारों के ऊपर चल रहे हैं महिला से अत्याचार के मामले

32 उम्मीदवारों के ऊपर चल रहे हैं महिला से अत्याचार के मामले

दिल्ली विधानसभ चुनाव में 32 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके खिलाफ महिलाओं के ऊपर अत्याचार करने से मामले चल रहे हैं। इनमें से एक उम्मीदवार पर दुष्कर्म का मामला है। इनके अलावा चार उम्मीदवारों पर हत्या और 20 उम्मीदवारों के खिलाफ दोष सिद्धि तक हो चुका है। चूंकि इस बार चुनाव में नेताओं के भड़काऊ भाषण भी खूब सुर्खियों में थी। अगर भड़काऊ भाषण से जुड़े मामलों की बात करें तो 8 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें भाजपा के हरी नगर से प्रत्याशी तेजिंदर सिंह बग्गा और आप के ओखला से प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान शामिल हैं। इनमें आप के दिलीप पांडेय, सोमनाथ भारती और नरेश यादव जैसे नेता भी शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी के 60 फीसदी उम्मीदवार पर क्रिमिनल केस

आम आदमी पार्टी के 60 फीसदी उम्मीदवार पर क्रिमिनल केस

आम आदमी पार्टी के 70 में से 42 यानी 60 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले पाए गए हैं। आम आदमी पार्टी के 36 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ठीक इसी तरह भाजपा के 67 में से 26 पर आपराधिक और 17 पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। कांग्रेस के 66 में से 18 पर आपराधिक और 13 उम्मीदवार गंभीर मामलों में आरोपी हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में बढ़े 13 करोड़पति उम्मीदवार

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में बढ़े 13 करोड़पति उम्मीदवार

वर्ष 2015 विधानसभा चुनाव में कुल 230 करोड़पति नेताओं ने चुनाव में उतरे थे, लेकिन इस बार करोड़पति नेताओं की सूची में 13 का और इजाफा हुआ। इस बार 243 करोड़पति नेता मैदान में थे। इनमें सर्वाधिक 105 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके नाम पांच या उससे ज्यादा करोड़ रुपए की संपत्ति थी, जबकि 2 से 5 करोड़ रुपए के बीच संपत्ति वाले कुल 72 उम्मीदवार थे। कांग्रेस के कुल 66 में से 55, आप के 70 में से 51, भाजपा के 67 में से 47, बसपा के 66 में से 13 और एनसीपी के 5 में से 2 उम्मीदवार करोड़पति की सूची में थे, जिन पर एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति थी। इस बार उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 4.34 करोड़ रुपए देखी गई जबकि 2015 में ये 3.32 करोड़ रुपए थी।

आम आदमी पार्टी में है दिल्ली के सबसे बड़े धनकुबेर विधायक

आम आदमी पार्टी में है दिल्ली के सबसे बड़े धनकुबेर विधायक

दिल्ली के दंगल में अपनी किस्मत अजमा रहे नेताओं में धनवानों की बात करें तो शीर्ष तीन करोड़पति एक ही राजनैतिक पार्टी से जुड़े हैं। आम आदमी पार्टी के मुंडका से प्रत्याशी धर्मपाल लाकड़ा सबसे धनी हैं। इनके नाम 292 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इन्हीं की पार्टी से प्रमिला टोकस और रामसिंह नेताजी हैं जिनपर 80-80 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।

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English summary
If we examine a total of 62 MLAs of the newly elected Aam Aadmi Party in the Delhi Legislative Assembly in 2020, evidence will be found. According to the ADR report, more than half of the Aam Aadmi Party MLAs in the Delhi Assembly are accused of serious criminal cases. If any of the 31 AAP MLAs wanted for serious offenses have a case of attempt to murder, then a case of rape is registered.
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